केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय पुलिस सेवा के 2017 बैच के प्रशिक्षुओं को किया सम्बोधित –


केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आमजन को विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराने के लिये पुलिसिया कामकाज में विशेषज्ञता प्राप्त करने पर ज़ोर दिया है। भारतीय पुलिस सेवा के 2017 बैच के प्रशिक्षुओं को मंगलवार 09 अक्टूबर को नई दिल्ली में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कानून का पालन सुनिश्चित करने वाली एजेंसियों को पुलिस अधिकारियों के पेशेवर कौशल एवं क्षमताओं में वृद्धि के लिये अपनी रुचि के क्षेत्र के अनुरूप उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर ज़ोर देना चाहिए।

युवा पुलिस अधिकारियों को तकनीक के क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों एवं साइबर अपराधियों द्वारा पैदा किये ख़तरों के अनुरूप स्वयं को ढालने के लिये प्रेरित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश के समक्ष अनेक ख़तरे हैं। उभरती कानून एवं व्यवस्था की चुनौतियां जैसे हाईटेक अपराध, आतंकवाद एवं वामपंथी अतिवाद विविधतापूर्ण प्रकृति के हैं जिनके लिये तीव्र एवं सोचे समझे जवाब और अनुभव की आवश्यकता है।

ज़मीन से जुड़े पुलिसिया कामकाज पर अपनी बात रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरकारी ड्यूटी, विशेषकर पुलिस की ड्यूटी निभाते समय एक मानवीय रवैए के साथ आमजन से सतत संवाद एवं बातचीत बनाए रखना आधारभूत आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जनता एवं सरकारी अधिकारियों के बीच सूचना का सतत प्रवाह जनता की समस्याओं को समझने एवं उनका समाधान करने की कुंजी है।

बाद में आईपीएस प्रशिक्षुओं से चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने ड्यूटी के दौरान तनाव से मुक्ति के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि तनाव कम करने का सर्वश्रेष्ठ उपाय योगाभ्यास है। उन्होंने कहा कि लीक से हटकर सोच के लिये अच्छा स्वास्थ्य बढ़िया रहता है क्योंकि अच्छे पुलिसिया कामकाज के लिये युवा अधिकारियों के नवीन विचार अत्यंत मददगार होते हैं।

इस अवसर पर अतिरिक्त सचिव (पुलिस) पी• के• श्रीवास्तव, बीएसएफ के महानिदेशक रजनीकान्त मिश्रा एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी की निदेशक डी• आर• डॉली बर्मन और वरिष्ठ बीएसएफ अधिकारी उपस्थित थे।

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