कानपुर हिंसा के वीडियो चश्मदीद की आप बीती सीएम योगी ने कहा कठोर कार्रवाई होगी

Kanpur Clash: कानपुर हिंसा मामले में अब तक पुलिस ने 3 FIR दर्ज करते हुए 18 लोगों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी. फिलहाल जिला पुलिस ने बेगमगंज, यतीमखाना और नई सड़क के साथ आस-पास के पूरे इलाके को पुलिस ने छावनी में बदल दिया है।

Kanpur Violence new CCTV Video: कानपुर के बेकनगंज इलाके में कल हुई हिंसा का नया CCTV फुटेज सामने आया है. ज़ी न्यूज़ के पास है हिंसा का ये सीसीटीवी वीडियो मौजूद है. सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर दिख रहा है किस तरीके से उपद्रवियों ने जमकर तांडव किया. उन्होंने न केवल पत्थरबाजी की बल्कि जमकर बम भी चलाए. दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की गई. दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए. उपद्रवियों की ये हरकत क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है.

कानपुर हिंसा मामले में पुलिस ने जुमे की नमाज के बाद सामने आए पूरे घटनाक्रम को कड़ी दर कड़ी जोड़ा है. इस बीच जो भी सबूत मिल रहे हैं उनके हिसाब से जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

कानपुर में कल क्या हुआ था?

उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के फौरन बाद परेड, नई सड़क और यतीमखाना समेत कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी. नमाज के बाद दो समुदायों के सदस्य आमने-सामने आ गए और उन्होंने एक-दूसरे पर ईंटों से पथराव किया. इस हिंसा पर CM योगी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. सरकार ने कहा है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस की धरपकड़ और छापेमारी की कार्रवाई जारी है.

कानपुर में हुए उपद्रव के बाद आज यतीमखाने इलाके में पुलिस ने रूट मार्च किया है. हिंसा का मास्टर माइंड जफर हयात नाम के शख्स को माना जा रहा है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस, क्राइम ब्रांच की टीम लगातार दबिश दे रही है. जफर हयात के करीबियों के घर भी छापेमारी हुई है. उपद्रव से पहले हयात जफर हाशमी ने कुछ मौलानाओं के साथ बैठक की थी. उसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं.

चश्मदीद की आप बीती – 

चश्मदीद ने बताया कि हिन्दुओं को टार्गेट करके मारा-पीटा गया। चश्मदीद बोले, और पिलाओ सांपों को दूध, ठेले पर पत्थर लेके आये थे हिन्दुओं को मारने। इस हिंसा का मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी (Hayat Zafar Hashmi) फरार है। हमारे 13 पुलिसकर्मी बुरी तरह से घायल हैं। मालिनी कानपुर चश्मदीद ने बताया कि चंद्रेश्वर हाता व उसके आसपास रहने वाले हिन्दू समुदाय के लोगों ने दुकानें बंद नहीं की थीं। विरोध प्रदर्शन करने वाले मुस्लिम समुदाय ने जब दुकानें खुली देखीं तो बंद कराने लगे। जिस पर खू, नी विवाद हो गया और बहुत लोग जख्मी हुए, उनके हाथ में पेट्रोल बोतलें भी दीं, पास में लगा बीजेपी का पोस्टर व झंडा तक उन्होंने फाड़ कर पांव से कुचला, वो नुपुर शर्मा को मां बहन की गंदी गालियाँ दे रहे थे और बीजेपी और हिन्दू मुर्दाबाद भी बोल रहे थे। मैं मेरा 14 वर्षीय बेटा 9 वर्षीय बेटी किसी तरह अपनी जान बचाकर घर पहुंचे।उनके हाथ में हथियार भी थे। मीडिया में मेरा बदला हुआ नाम मालिनी लिखा जाये।

कानपुर हिंसा का मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी की कहानी

कानपुर हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी ने पिछले कुछ सालों विभिन्न गतिविधियों में शामिल रहा है और उसने कई अवैध संपत्तियां हासिल की हैं. इसके साथ ही वह सरकारी कोटे के तहत घर में राशन की दुकान चलताा है. हाशमी पर आरोप है कि उसने अपनी बहन और मां को घर खाली करने के लिए उकसाकर कानपुर डीएम ऑफिस में आग लगा दी थी और इस हादसे में दोनों की मौत हो गई थी. हाशमी के बारे में कहा जा रहा है कि उसने ही सोशल मीडिया के जरिए भीड़ को एकत्रित किया थाय. वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहता है और पहले भी वह कई बार लोगों को उपद्रव मचाने के लिए उकसा चुका. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक वह सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान भी वह काफी सक्रिय रहा था.

पीएफआई कनेक्शन की जांच की मांग

कानपुर हिंसा पर सूफी खानकाह एसोसिएशन ने बड़ा बयान दिया है और कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए. एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि इसके पीछे पीएफआई कनेक्शन हो सकता है. सूफी खानकाह एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी कैसर हसन मजीदी ने कहा कि हिंसा की उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और इसके पीछे पीएफआई का हाथ हो सकता है.

बता दें कि 40 नामजद, 35 गिरफ्तार; 1000 से ज्यादा आरोपी हैं। सीएम योगी ने कहा सम्पत्ति कुर्क होगी और घरों पर चलेगा बुल्डोज़र, किसी भी उपद्रवी को बख्शेगें नहीं।

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