करवाचौथ पर घर में इंतजार ✍️अवधेश कुमार निषाद मझवार

गांव में बरगद के पेड़ के नीचे आंगन में  बैठी चारों दौरानी-जिठानी में से तीन आपस में बात करते हुए हंस रही थी। घर की बड़ी बहू सुनीता देवी ने बताया। कि इस बार महिलाओं का करवाचौथ का जो पर्व है।इस बार चार नवंबर को बुधवार के दिन मनाया जा रहा है। इसमें सभी स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए बिना कुछ खाए पिए सुबह से ही व्रत रखती हैं। हम सभी लोग इस बार बहुत अच्छे तरीके से व्रत रखेंगे।

उसी क्षण घर में सासू मां राम देवी आती हैं। कहतिं है कि आप तीनों यहां बैठी हैं, मनु कहां हैं उनमें से एक ने बताया। मा जी मनु घर में अंदर हैं। मां ने का बुलाओ उसको। जैसे ही मनु को मां जी की आवाज सुनाई देती हैं। मनु घर से बाहर आंगन में आकर  मां जी के चरण स्पर्श किए। और कहा बताए मां जी आपने मुझे बुलाया।
मां जी ने कहा आप चारो बहू मेरे साथ बाजार चलो आप सभी को व्रत का सामान दिला देती हूं। उन सभी ने कहा हैं ठीक मां जी।

मां बोली इस बार प्रमोद घर नहीं आयेगा। यह बात सुनकर मनु निराश हो जाती है। जवाब में कहती है, कि कुछ दिन पहले फोन पर बात हुई थी। बोल रहे थे। कि छुट्टी मिलती है  तो ज़रूर आऊंगा। मां कहती है कि मेरे सामने तू फोन लगा। मनु फोन लगा कर बात करती है। और कहती है, अजी सुनते हो इस बार आप करवाचौथ के दिन घर पर आ जाना। मैं व्रत रख रही हूं, आप आओगे तो मुझे बहुत खुशी होगी। करवाचौथ के दिन घर पर आपका इंतजार रहेगा। प्रमोद कहता है, ठीक है आज मैं अपने सर से बात करके छुट्टी के लिए बात करता हूं। आपको शाम को जबाव देता हूं। इतने में फोन डिसकनेक्ट हो जाता है।

प्रमोद अपने मन में सोचता है, कि मेरी नौकरी एक संविदा कर्मी की है। अगर मुझे छुट्टी मिलती है। तो मैं घर पर जा सकता हूं। अगर नहीं छुट्टी मिली। फिर भी मैं घर पर चला गया, तो नौकरी के लिए खतरा है। देखते हैं,मेरी नौकरी एक संविदा कर्मी की है। इस बार छुट्टी मिलती है या नहीं! क्योंकि करवाचौथ के दिन घर वाले इंतजार कर रहे है।

आखिर! घर पर जाना जरूरी है…………………

 -अवधेश कुमार निषाद मझवार
  ग्राम पूठपुरा पोस्ट उझावली
  फतेहाबाद आगरा
5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
1 Comment
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Avadhesh
7 months ago

बहुत सुंदर

1
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x