सही इलाज से हेपेटाइटिस जड़ से हो सकता है खत्म: डॉ. पवन
सच की दस्तक डिजिटल न्यूज डेस्क चन्दौली
पीडीडीयू नगर (चंदौली) बदलते परिवेश में फास्ट फूड के बढ़ते प्रयोग के कारण आंत और लीवर से जुड़ी बीमारियों तथा कैंसर की संभावना बढ़ रही है। हेपेटाइटिस और लीवर सिरोसिस के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन समय पर सही इलाज से लीवर कैंसर से बचाव संभव है। यह बातें गैस्ट्रो कैंसर विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस जैसी बीमारी का भी समय पर उपचार होने पर पूरी तरह नियंत्रण और समाप्ति संभव है।
लंग कैंसर विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र शिवहरे ने बताया कि तपेदिक (टीबी) और फेफड़े के कैंसर के लक्षणों में कई बार समानता होती है, इसलिए सीटी स्कैन जैसी जांच से स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। समय पर पहचान होने पर इलाज संभव है।
वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. शुभेंदु शेखर ने कहा कि ओरल, सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर सहित कई कैंसर का इलाज संभव है, बशर्ते समय पर पहचान हो। शरीर में कोई घाव या गांठ हो तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि घाव ठीक न हो रहा हो तो जांच अवश्य करानी चाहिए, क्योंकि साधारण दिखने वाली गांठ भी कैंसर का रूप ले सकती है।
बदलती जीवनशैली, तनाव, असंतुलित खान-पान, शराब और धूम्रपान की बढ़ती आदतों के कारण कैंसर के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है। मुंह, गला, लीवर, पेट, स्तन, बच्चेदानी, प्रोस्टेट, फेफड़े और हड्डियों के कैंसर अब हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। चिंता की बात यह है कि अधिकतर मामलों में कैंसर का पता उन्नत (एडवांस) अवस्था में चलता है, जिससे उपचार जटिल हो जाता है।
इसी गंभीरता को देखते हुए महेवा, चंदौली स्थित पूर्वांचल के अत्याधुनिक कॉरपोरेट अस्पताल क्लियरमेडि डीएमच मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने कैंसर की समय पर पहचान और रोकथाम के उद्देश्य से कैंसर स्क्रीनिंग पैकेज लॉन्च किया है। इसका शुभारंभ विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी 2026) पर आयोजित कार्यक्रम में किया गया।

प्रेस वार्ता में वाराणसी के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. शुभेंदु शेखर, गैस्ट्रो कैंसर विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार सिंह, लंग कैंसर विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र शिवहरे, एमएस लेफ्टिनेंट कर्नल ताराप्रणव भट्टाचार्य, फैसिलिटी डायरेक्टर अश्विनी कुमार विश्वकर्मा और बिजनेस हेड मृत्युंजय सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
