अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पण, छठ महापर्व का तीसरा दिन श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न
सच की दस्तक डिजिटल न्यूज डेस्क चन्दौली 
चन्दौली। सूर्य उपासना के महापर्व छठ का तीसरा दिन सोमवार को पूरे चन्दौली जनपद में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। व्रती महिलाएं और श्रद्धालु शाम होते ही नौगढ़, चकिया, बबुरी, शहाबगंज, इलिया, धीना, धानापुर, सैयदराजा, चन्दौली, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, दुल्हीपुर, पड़ाव, बलुआ सहित विभिन्न गांवों व कस्बों के घाटों और तालाबों पर पहुंचकर अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
व्रतियों ने दूध, गंगाजल, प्रसाद और मौसमी फलों से सूर्य देव की विधिवत पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की स्वास्थ्य कामना की। घाटों पर छठ माता के पारंपरिक गीतों की मधुर गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय दिखाई दिया। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, प्रकाश और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की, वहीं सामाजिक संगठनों और स्वंयसेवकों श्री राम ज्वेलर्स की टीम ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
पीडीडीयू नगर क्षेत्र में छठ की विशेष रौनक
पीडीडीयू नगर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के अलीनगर, मानसरोवर तालाब और सुभाष नगर स्थित पोखरे पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। व्रती महिलाएं परिजनों के साथ लोकगीत गाती हुई घाट तक पहुंचीं। आसमान में बादल छाए रहने के कारण सूर्य देव के दर्शन देर से हुए, जिसके बाद लगभग पांच बजे व्रतियों ने तालाब के जल में खड़े होकर अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान चन्दौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव भी घाट पर पहुंचकर पोखरे पर उपस्थित लोगों को छठ व्रत की शुभकामना दिया
सुभाष नगर स्थित पोखरे पर बीते वर्ष से ही सामूहिक रूप से छठ पर्व का आयोजन शुरू हुआ है। यहां के स्थानीय नागरिकों के सहयोग से इसे सुंदर रूप मिला है। नेतृत्व सुभाष नगर की सभासद आरती यादव कर रही हैं, जो स्वयं व्रती भी रहीं। समाजसेवी श्रवण यादव सहित कई लोगों ने कार्यक्रम में सेवा और सहयोग प्रदान किया।
इलिया संवाददाता के अनुसार
आस्था के महापर्व डाला छठ पर सोमवार को इलिया कस्बा सहित बेन, तियरी, बरियारपुर, खखड़ा,मालदह, रोहाखी, बसाढ़ी, उसरी, बरहुआ, सुल्तानपुर, मनकपड़ा आदि गांवों के पोखरों और तालाबों पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। व्रती महिलाओं ने कमर भर पानी में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
‘कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए’ और ‘केलवा के पात पर उगले सुरजवा’ जैसे पारंपरिक छठ गीतों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। व्रती महिलाएं घरों से सूप-दौरे में ईख, ठेकुआ, फल व अन्य प्रसाद लेकर परिजनों के साथ घाटों की ओर रवाना हुईं।
घाटों और तालाबों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। जगह-जगह छठ मैया की आराधना में लोग डूबे नजर आए। सुरक्षा की दृष्टि से ग्राम पंचायतों द्वारा गठित समितियों के कार्यकर्ता सतर्कता के साथ डटे रहे, वहीं पुलिस बल भी पूरे क्षेत्र में मुस्तैद रहा।

