वाराणसी – यहां राष्ट्र सत्ता से नहीं, संस्कृति और संस्कारों से सृजित हुआ है’ – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी दौरे पर हैं। पीएम मोदी तीन ज्योर्तिलिंगों को जोड़नी वाली महाकाल एक्सप्रेस, पंडित दीनदयाल की प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही 12 सौ करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। चंदौली से पहले पीएम मोदी जंगमबाड़ी मठ पहुंचे थे। जंगमबाड़ी मठ से निकलने बाद करीब साढ़े 12 बजे बीएचयू हेलीपैड पहुंचे, इस दौरान सुरक्षाबलों में अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने पीएम मोदी को काला झंडा दिखाया। युवक की पहचान समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी के बेटे अजय यादव के रूप में हुई है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी में 1200 करोड़ रुपये की सौगात दी। साथ ही काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, तो वहीं चंदौली के पड़ाव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक और प्रतिमा का भी लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने वीर शैव जंगमबाड़ी मठ में वीरशैव महाकुंभ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने श्रीसिद्धांत शिखामणि ग्रंथ के हिंदी संस्करण और ऐप का विमोचन किया। इसके साथ ही अनुच्छेद 370 और नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) पर भी बात कही। नीचे पढ़ें प्रधानमंत्री के बनारस और चंदौली के दौरे की बड़ी बातें…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना के विशेष विमान से 10:25 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री नीलकंठ तिवारी, राज्य मंत्री अनिल राजभर, मेयर मृदुला जायसवाल, मछलीशहर सांसद बीपी सरोज, पिंडरा विधायक अवधेश सिंह पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर पीएम का अभिनंदन किया
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, श्री काशी विश्वनाथ की पावन नगरी और आपकी कर्मभूमि आगमन पर आपका अभिनंदन है। आपके विजन और मार्गदर्शन से पौराणिक नगरी काशी सज रही, संवर रही है और अपनी परंपरा को संजोए हुए नवीनता को गले लगा रही है। नए उत्तर प्रदेश की नई काशी का उदय हो रहा।

‘संस्कृति और संस्कृत की संगम स्थली में आप सभी के बीच आना, मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य’
पीएम मोदी ने कहा कि संस्कृति और संस्कृत की संगम स्थली में आप सभी के बीच आना, मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है। बाबा विश्वनाथ के सानिध्य में, मां गंगा के आंचल में, संत वाणी का साक्षी बनने का अवसर बार-बार नहीं मिलता। पीएम मोदी ने कहा कि वीरशैव परंपरा वो है, जिसमें वीर शब्द को आध्यात्म से परिभाषित किया गया है। जो विरोध की भावना से ऊपर उठ गया है वही वीरशैव है। यही कारण है कि समाज को बैर, विरोध और विकारों से बाहर निकालने के लिए वीरशैव परंपरा का सदैव आग्रह रहा है।

‘हमारे यहां राष्ट्र सत्ता से नहीं, संस्कृति और संस्कारों से सृजित हुआ है’
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में राष्ट्र का ये मतलब कभी नहीं रहा कि किसने कहां जीत हासिल की, किसकी कहां हार हुई। हमारे यहां राष्ट्र सत्ता से नहीं, संस्कृति और संस्कारों से सृजित हुआ है, यहां रहने वालों के सामर्थ्य से बना है।

पीएम मोदी महाकाल एक्सप्रेस को रवाना करेंगे

एप युवाओं के जीवन की प्रेरणा बनेगा: पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पुरातन ज्ञान और दर्शन के सागर श्री सिद्धांत शिखामणि को 21वीं सदी का रूप देने के लिए मैं विशेष रूप से आपका अभिनंदन करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि भक्ति से मुक्ति का मार्ग दिखाने वाले इस दर्शन को भावी पीढ़ी तक पहुंचना चाहिए। एक App के माध्यम से इस पवित्र ज्ञानग्रंथ का डिजिटलीकरण युवा पीढ़ी के जुड़ाव को और बल देगा, उनके जीवन की प्रेरणा बनेगा।

जगदगुरु रेनुकाचार्य द्वारा अगस्त्य ऋ षि को दिए गए उपदेशों को इसमें संग्रहित किया गया है। आठवीं शताब्दी में शिवाचार्य स्वामी ने इसे लिपिबद्ध किया था। अनुष्टुप छंद में 1400 श्लोक इसमें है। यह मूलरूप में संस्कृत में है। इसका अनुवाद 19 भारतीय भाषाओं हिंदी, भोजपुरी, अवधी, मैथिली, ब्रज, गुजराती, उड़िया, तमिल, तेलुगु, मलयालम, मराठी, कन्नड़, रसियन और नेपाली में है। ऐप में 19 भाषाओं में ग्रंथ का अध्ययन सुलभ होगा।

‘सरकार का भी यही प्रयास है कि संस्कृत सहित सभी भारतीय भाषाओं का विस्तार हो’
पीएम मोदी ने कहा कि जंगमवाड़ी मठ भावात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से वंचित साथियों के लिए प्रेरणा का माध्यम है। संस्कृत भाषा और दूसरी भारतीय भाषाओं को ज्ञान का माध्यम बनाते हुए, टेक्नॉलॉजी का समावेश आप कर रहे हैं, वो भी अद्भुत है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का भी यही प्रयास है कि संस्कृत सहित सभी भारतीय भाषाओं का विस्तार हो, युवा पीढ़ी को इसका लाभ हो।
‘देश सिर्फ सरकार से नहीं बनता बल्कि एक-एक नागरिक के संस्कार से बनता है’
पीएम मोदी ने कहा कि देश सिर्फ सरकार से नहीं बनता बल्कि एक-एक नागरिक के संस्कार से बनता है। नागरिक के संस्कार को उसकी कर्तव्य भावना श्रेष्ठ बनाती है। एक नागरिक के रूप में हमारा आचरण ही भारत के भविष्य को तय करेगा, नए भारत की दिशा तय करेगा।
‘देश में बड़े-बड़े अभियानों को सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं चलाया जा सकता’
पीएम मोदी ने कहा कि मठों द्वारा दिखाए रास्ते पर चलते हुए, संतों द्वारा दिखाए रास्ते पर चलते हुए, हमें अपने जीवन के संकल्प पूरे करने हैं और राष्ट्र निर्माण में भी अपना पूरा सहयोग करते चलना है। जिस प्रकार काशी और देश के युवाओं ने स्वच्छ भारत अभियान को देश के कोने-कोने में पहुंचाया है वैसे ही और संकल्पों को भी हमें देशभर में पहुंचाना है। मैंने लाल किले से भी आग्रह किया था कि हमें वो सामान खरीदने को प्राथमिकता देनी चाहिए जो लोकल में बना हो। देश में बड़े-बड़े अभियानों को सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं चलाया जा सकता, इसके लिए जनभागिदारी बहुत आवश्यक है। बीते 5-6 वर्षों में अगर गंगाजल में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिल रहा है तो इसके पीछे भी जनभागीदारी का बहुत महत्व है।

‘नमामि गंगे अभियान के तहत 7 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम पूरा हुआ’

पीएम मोदी ने कहा कि नमामि गंगे अभियान के तहत 7 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स पर काम पूरा हो चुका है। 21 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स पर कार्य प्रगति पर है जिन प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है उनको भी हम तेज़ी से पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण का विषय दशकों से अदालत में लटका था। अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हो चुका है।
 
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले ही सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए एक स्वायत्त ट्रस्ट- ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ के गठन करने की भी घोषणा की है। ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर, भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण का काम देखेगा और सारे निर्णय लेगा। पीएम मोदी ने कहा कि राम मंदिर से जुड़ा एक और बड़ा फैसला सरकार ने किया है। अयोध्या कानून के तहत जो 67 एकड़ जमीन अधिगृहित की गई थी, वो भी पूरी की पूरी, नवगठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को ट्रांसफर कर दी जाएगी। जब इतनी बड़ी जमीन होगी तो मंदिर की भव्यता और दिव्यता और बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का किया लोकार्पण
पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित किया। परिसर में उनकी 39.79 करोड़ से 63 फीट ऊंची कांस्य की प्रतिमा के अलावा ओपेन थिएटर, कुंड आदि बनकर तैयार किया गया था। इसके बाद पीएम मोदी ने काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन तीन ज्योतिर्लिगों को जोड़ेगी, जो वाराणसी से इंदौर तक चलेगी
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को करेगी प्रेरित
पीएम मोदी ने कहा कि मां गंगा जब काशी में प्रवेश करती हैं, तो वो उन्मुक्त होकर अपनी दोनों भुजाओं को फैला देतीं हैं। एक भुजा पर धर्म, दर्शन और आध्यात्म की संस्कृति विकसित हुई है और दूसरी भुजा, यानि इस पार, सेवा, त्याग, समर्पण और तपस्या, मूर्तिमान हुई है। आज इस क्षेत्र, दीनदयाल जी की स्मृति स्थली का जुड़ना, अपने नाम पड़ाव की सार्थकता को और सशक्त कर रहा है। ऐसा पड़ाव जहां, सेवा, त्याग, विराग और लोकहित सभी एक साथ जुड़कर एक दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित होंगे। पं. दीनदयाल जी की आत्मा हमें हमेशा प्रेरणा देती रहती है।

‘जो विकास के आखरी पायदान पर है, उसे पहले पायदान पर लाने के लिए काम हो रहा है’

पीएम मोदी ने कहा कि जो विकास के आखरी पायदान पर है, उसे पहले पायदान पर लाने के लिए काम हो रहा है। चाहे वो पूर्वांचल हो, पूर्वी भारत हो, उत्तर पूर्व हो, देश के 100 से ज्यादा आकांक्षी जिले हों, हर क्षेत्र में विकास के अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि बीते 5 वर्षों में वाराणसी जनपद में लगभग 25 हज़ार करोड़ रुपये के विकास कार्य या तो पूरे हो चुके हैं, या काम चल रहा है। देवी अहिल्याबाई होलकर के बाद इतने बड़े पैमाने पर काशी नगरी के लिए काम हो रहे हैं, तो उसके पीछे महादेव का ही आशीर्वाद है।

भारत के पास हैरिटेज टूरिज्म की बहुत बड़ी ताकत है: मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि काशी सहित इस पूरे क्षेत्र में हो रहे कनेक्टिविटी के काम आपकी सुविधा के साथ-साथ रोज़गार निर्माण के भी बड़े साधन तैयार कर रहे हैं। विशेषतौर पर पर्यटन आधारित रोजगार, जिसको लेकर काशी और आसपास के क्षेत्रों में बहुत बड़ी संभावना है, उनको बल मिल रहा है। आज जब भारत में जब 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की बात हो रही है तो पर्यटन उसका अहम हिस्सा है। भारत के पास हैरिटेज टूरिज्म की बहुत बड़ी ताकत है। काशी समेत आस्था से जुड़े तमाम स्थानों को नई तकनीक का उपयोग करके विकसित किया जा रहा है।

अयोध्या में भी श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन हो चुका है: पीएम मोदी
पीएम मोदी  ने कहा कि आज काशी आने वाला हर श्रद्धालु सुखद अनुभव लेकर यहां से जाता है। कुछ दिन पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति भी यहां आए थे, तो यहां के अद्भुत वातावरण, दिव्य अनुभूति से बहुत मंत्रमुग्ध थे। सोशल मीडिया में उन्होंने काशी के साथियों की बहुत प्रशंसा की है। काशी विश्वनाथ धाम में तमाम कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। बहुत ही जल्दी से बाबा का दिव्य प्रांगण एक आकर्षक और भव्य रूप में हम सभी के सामने आएगा। इसी तरह अयोध्या में भी श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन हो चुका है।

‘अब काशी में बाबा के दर्शन के बाद, उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर पाएंगे’
पीएम मोदी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी को ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर से जोड़ने वाली काशी-महाकाल एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई गई है। काशी में बाबा के दर्शन के बाद, उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर पाएंगे। इसी ट्रेन में आगे बढ़कर इंदौर में ओंकारेश्वर में श्रद्धासुमन अर्पित कर पाएंगे। BHU में आज जिस सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल का लोकार्पण हुआ है, उसका शिलान्यास 2016 के आखिरी में, मैंने ही किया था।

सिर्फ 21 महीने में 430 बेड का ये अस्पताल बनकर काशी और पूर्वांचल के लोगों की सेवा के लिए तैयार हुआ है। जल जीवन मिशन के तहत आने वाले 5 वर्षों में हर घर तक जल पहुंचाने के लिए हमें पूरी शक्ति से काम करना है। मैं आश्वस्त करता हूं कि इस काम में न तो बजट आड़े आएगा और न सरकार के इरादे कमजोर होंगे। हमारी सरकार समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। 50 करोड़ से अधिक देशवासी जिन्हें आज आयुष्मान भारत योजना से 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित हुआ है, वो 70 वर्षों से विकास के आखिरी पायदान पर रहे लोग ही हैं।

महादेव के आशीर्वाद से देश आज वो फैसले भी ले रहा है, जो हमेशा पीछे छोड़ दिए जाते थे: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे कालखंड तक इस आखिरी पायदान को बनाए रखा गया, क्योंकि उनकी समस्याओं को सुलझाने में नहीं, उलझाने में राजनीतिक हित सिद्ध होते थे। अब स्थितियां बदल रही हैं, देश बदल रहा है। जो आखिरी पायदान पर रहा है, उसे अब सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। महादेव के आशीर्वाद से देश आज वो फैसले भी ले रहा है, जो हमेशा पीछे छोड़ दिए जाते थे।

प्रधानमंत्री मोदी को सपा नेता के बेटे ने दिखाया काला झंडा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जंगमबाड़ी मठ से निकलने बाद करीब साढ़े 12 बजे बीएचयू हेलीपैड पहुंचे, जहां उन्हे एक युवक ने काला झंडा दिखाया। इस दौरान युवक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। युवक की पहचान समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी के बेटे अजय यादव के रूप में हुई है। पुलिस उसे लंका थाने लेकर आ गई है। जहां हिरासत में लिए युवक से पूछताछ की जा रही है। सड़क पर काले झंडे के साथ अचानक आ जाने से एसपीजी भी चौकन्ना हो गई थी। इस दौरान सुरक्षा को लेकर एसपीडी के सुरक्षा अधिकारी वाहनों से उतर आए थे। प्रधानमंत्री सुबह साढ़े 10 बजे करीब जंगमबाड़ी मठ पहुंचे थे। यहां उन्होंने श्रीसिद्धांत शिखामणि ग्रंथ के हिंदी संस्करण और ऐप का विमोचन किया। इसके बाद वह करीब साढ़े 12 बजे मठ से निकल गए और बीएचयू हेलीपैड पहुंचे रहे थे। तभी सपा नेता के बेटे ने काला झंडा दिखा दिया।

हम अनुच्छेद 370, सीएए पर फैसले के साथ खड़े हैं : मोदी
संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ लगातार प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमाम दबाव के बावजूद उनकी सरकार फैसले पर अडिग है। उन्होंने कहा कि चाहे अनुच्छेद 370 पर फैसला हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून पर फैसला हो, यह देश हित में जरूरी था। दबाव के बावजूद हम अपने फैसले के साथ खड़े हैं और इसके साथ बने रहेंगे।

‘सच में, काशी एक है, लेकिन उसके रूप अनेक हैं’
काशी में ये मेरा तीसरा कार्यक्रम है। सबसे पहले मैं अध्यात्म के कुंभ में था। फिर मैं आधुनिकता के कुंभ में गया, बनारस के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अब मैं एक प्रकार से स्वरोजगार के कुंभ में पहुंच गया हूं। यहां भांति-भांति के कलाकार, शिल्पकार एक ही छत के नीचे हैं। एक-एक धागे को जोड़कर, मिट्टी के एक-एक कण को घटकर, बेहतरीन निर्माण करने वालों के साथ, दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों को चलाने वाले, एक ही छत के नीचे बैठे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सच में, काशी एक है, लेकिन उसके रूप अनेक हैं।

‘संसाधनों और कौशल की कमी नहीं, एक व्यापक सोच के साथ काम करने की जरूरत है’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की हमेशा से ही ये शक्ति रही है कि यहां के हर क्षेत्र, हर जिले की पहचान से कोई ना कोई विशेष कला, विशेष आर्ट और विशेष उत्पाद जुड़ा रहा है। ये सदियों से हमारे वहां परंपरा रही है। हमारे कारोबारियों, व्यापारियों ने इसका प्रचार दुनियाभर में किया है। हमारे पास संसाधनों की और कौशल की कभी कमी नहीं रही है, बस एक व्यापक सोच के साथ काम करने की जरूरत है। जरूरत बस इस कहानी को दुनिया तक पहुंचाने की है। उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायन इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।

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