गुलामी के नामों से मिलने वाली है मध्यप्रदेश को आज़ादी, जल्द ही बदलने वाले है आपके शहर के नाम

यूपी में बीजेपी की सरकार आते है सीएम आदित्यनाथ ने राज्य के शहरों के नाम बदलना शुरू कर दिए थे. अब इसी क्रम में मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह भी निकल पड़े है. शिवराज सिंह उर्फ़ एमपी के मामा राज्य के कई शहरों के नाम बदलने वाले है. नाम बदलने की इस लिस्ट में भोपाल और यहां का मिंटो हॉल भी शामिल है. इस भवन का इस्तेमाल काफी समय तक विधानसभा भवन के तौर पर होता रहा.

अब प्रदेश सरकार ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है. ऐसे में राज्य के शहरों के नाम बदलकर भारतीय संस्कृति की पहचान फिर से कायम करने की शुरुआत कर दी गई है. सरकार ने इसकी शुरुआत नर्मदापुरम (होशंगाबाद) और भेरूंदा (नसरल्लागंज) से कर दी है. अब इसके बाद राज्य सरकार औबेदुल्लागंज, गौहरगंज, भोपाल, भोपाल के मिंटो हॉल, बेगमगंज, गैरतगंज, बुरहानपुर, सुल्तानपुर के साथ साथ एक दर्जन शहरों-स्थानों के नाम बदलने वाली है.

आपको बता दें कि इन शहरों और गावों के लोग कई दिनों से नाम बदलने की मांग कर रहे है. ज्ञात हो कि विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) के पद पर तीन महीने पहले रहते हुए रामेश्वर शर्मा ने भोपाल में ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरुनानक टेकरी बनाने को कहा था. जानकारी के मुताबिक आज से करीब 500 साल पहले सिखों के पहले गुरु नानक देव इस टेकरी पर आये थे. यहाँ पर गुरु के पैरों के निशान भी है.

गौरतलब है कि इससे पहले भोपाल नगर निगम परिषद भोपाल शहर का नाम भोजपाल करने का प्रस्ताव भी ला चुकी है, जो शासन स्तर पर लंबित पड़ा हुआ है. इस तरह नाम बदलवाने के लिए स्थानीय नागरिक और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र, स्थान या जिले का नाम बदलने के लिए एप्लीकेशन देते है. इसके बाद स्थानीय निकाय यह प्रस्ताव शासन को देता है और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ये प्रस्ताव राज्यपाल के पास आता है. उनके अनुमोदन के बाद गृह विभाग नाम परिवर्तन की अधिसूचना जारी कर देता है.

कुछ शहरों के पुराने नाम जो बदलने वाले है

भोपाल== भूपाल, भोजपाल विदिशा ==भेलसा विदावती, सीहोर ==सीधापुर, ओंकारेश्वर == मांदाता, दतिया== दिलीप नगर, महेश्वर==माहिष्मति, जबलपुर==त्रिपुरी, जबालिपुरम, ग्वालियर==गोपांचल, दमोह==तुंडीखेत

इस मामले मे विधानसभा के पूर्व सामयिक अध्यक्ष एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि ईदगाह का नाम बदलने की हमारी जस की तस है. सिख समाज भी जिलों में ज्ञापन दे रहा है. हमारा मकसद उन स्थानों के नाम बदलना है, जो गुलामी के प्रतीक बने हुए है. भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी है. 11वीं शताब्दी में राजा भोज ने भोपाल शहर की स्थापना की थीा. तब इसकी पहचान भूपाल (भू-पाल) नाम से थी. उस समय की फारसी और हिंदी की पुस्तकों में इसका उल्लेख है. अफगान आक्रांता दोस्त मोहम्मद खां ने 1720 ईसवीं में भोपाल आकर राज्य बसाया और इसका नाम भोपाल हो गया।

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