रायसीना डायलॉग: जयशंकर बोले- प्रधानमंत्री जी, आपकी उम्मीदों पर हम काफी हद तक खरे उतरे

दुनियाभर में प्रतिष्ठित कूटनीतिक संवाद कार्यक्रम रायसीना डायलॉग का शुभारंभ आज हो रहा है। इसके उद्घाटन सत्र में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंच गए हैं। सत्र में दुनिया की मौजूदा चुनौतियों पर सात पूर्व राष्ट्र प्रमुख विचार साझा करेंगे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- प्रधानमंत्री जी, पांच साल पहले आपने चुनौती दी थी। आपका विचार था कि एक उभरती हुई शक्ति के तौर पर भारत को सिर्फ वैश्विक स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सेदार ही नहीं बने रहना है। आपने मजबूती से महसूस किया था कि हमें अपना मंच भी तैयार करना है। पांच साल बाद मैं कह सकता हूं कि उन उम्मीदों पर हम काफी हद तक खरे भी उतरे हैं।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रतिष्ठित रायसीना डायलॉग के पांचवे संस्करण का आयोजन विदेश मंत्रालय और ऑर्ब्जवर रिसर्च फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से किया है और इसमें करीब 100 देशों के 700 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह अपनी तरह के सबसे बड़े समागमों में एक है।

इस दौरान भू-राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर वैश्विक मंथन होगा। तीन दिन चले वाले इस अयोजन में रूस, ईरान, डेनमार्क, हंगरी, मालदीव, दक्षिण अफ्रीका, इस्टोनिया और यूरोपीय यूनियन सहित 12 देशों के विदेश मंत्री शामिल होंगे।

ईरानी कुद्स फोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ के सम्मेलन में शामिल होने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक शंघाई सहयोग संगठन के महासचिव और राष्ट्रसंघ के महासचिव भी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और जर्मनी सहित कई देशों के राज्यमंत्री भी सम्मेलन में अपने विचारों को रखेंगे।

सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में दुनिया के 30 थिंक टैंक भी अपने विचार रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और सात राष्ट्र प्रमुख व शासनाध्यक्ष उद्घाटन सत्र में शामिल हो रहे हैं और इस दौरान दुनिया के समक्ष वैश्वीकरण से जुड़ी चुनौतियों, 2030 का एजेंडा, आधुनिक दुनिया में प्रौद्योगिकी की भूमिका, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद का मुकाबला जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *