मिट्टी का टीला ढह जाने से 4  की मौत,

सच की दस्तक न्यूज डेस्क चन्दौली
नौगढ थाना क्षेत्र के उदितपुर सुर्रा गांव के समीप मिट्टी का टीला ढह जाने से 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।जबकि 1 बालक की हालत काफी गंभीर होने पर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नौगढ भेजवाया गया जहां से चिकित्सकों ने टा्मा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। ईलाज के लिए वाराणसी जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
  इस बारे में बताया जाता है कि दीपावली पर्व पर कच्चे घरों की लिपाई पुताई कराने के लिए उदितपुर सुर्रा गांव निवासी शिवकुमार व समीपवर्ती जनपद सोनभद्र के गांव कुरियहवां टोला(भैरवा गोबर) निवासी दूधनाथ अपने दो पुत्रों आशीष व रीतेश के साथ मिट्टी लेने के लिए गांव की बंधी के निकट जमूतहवां नाला के किनारे आरक्षित वन क्षेत्र में मौजूद गड्ढे में से मिट्टी निकाल रहे थे।तभी अचानक मिट्टी का टीला भरभराकर के गिर गया।जिससे सभी लोग मलबे के नीचे दब गए।
      जिसे देख अगल बगल जंगल में गाय भैंस चराने वालों ने काफी शोरगुल मचाना शुरू कर दिया तब तक ग्रामीणों की काफी भीड़ मौके पर उमड़ कर बचाव का शुरू कर दी।लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
जानकारी होते ही पुलिस चौकी इंचार्ज हरियाबांध सत्येंद्र कुमार ने आनन फानन मौके पर पहुंच कर जेसीबी मशीन बुलवारके मिट्टी निकलवाना शुरू करा दिया।
तब तक उपजिलाधिकारी डा.अतुल गुप्ता प्रभारी निरीक्षक नौगढ राजेश सरोज थानाध्यक्ष चकरचट्टा दीनदयाल पांडेय पुलिस चौकी इंचार्ज मझगवां अमदहां औरवाटांड़ ईत्यादि ने मौके पर पहुंच कर दबे हुए सभी लोगों को बाहर निकलवाया।
       जिसमें घूरहू हरिजन 50 वर्ष निवासी उदितपुर सुर्रा व दूधनाथ विश्वकर्मा 45 वर्ष रीतेश 8 वर्ष निवासी ग्राम कुरियहवां टोला (भैरवा गोबर) की मौके पर ही मौत हो जाने की पुष्टि की गई।वहीं जीवन मृत्यू के बीच तड़फड़ा रहा आशीष 10 वर्ष को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नौबत भेजवाया गया।जहां पर हालत एकदम गंभीर देख चिकित्सकों ने टा्मा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
घटना की जानकारी होते ही पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने मौके पर पहुंच कर काफी दुःख प्रकट करते हुए तत्काल राहत बचाव व आवश्यक कार्यवाही हेतु अधीनस्थों को निर्देशित घटना से संबंधित आवश्यक पड़ताल किया।
घर मे चार मौत के बाद पसरा मातम
पति दूधनाथ विश्वकर्मा व दोनों बेटों रीतेश एवं आशीष की मौत मलबे में दबने से हो जाने की जानकारी होते ही पत्नी चिंता देबी बेसुध हाल में पड़ी हुई है वही पुत्री नमीता 14 वर्ष अपने पिता व भाई के शव को निहारती हुयी कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं है।
धनतेरस पर्व के दिन ही बड़ी ह्दयविदारक घटना से जनपद चन्दौली व सोनभद्र जिले के सरहदी गांवों में मातम छा गया।
मृतक दूधनाथ को 3 पुत्री व 2 पुत्र थे।
जिसने दो पुत्रियों शीला व संगीता की शादी कर दिया था।
तीसरी पुत्री नमीता 14 वर्ष अविवाहित है।
दोनों पुत्र रीतेश व आशीष की मौत पिता के साथ ही मलबे में दबने से हो गई।
घर वालो के अनुसार जब सायकिल लेकर के दूधनाथ मिट्टी लेने के लिए निकला तो साथ जाने के लिए दोनों पुत्र काफी जिच करने लगे थे।तो माता चिंता देबी ने काफी रोकने का प्रयास की लेकिन पिता का अगाध प्रेम बच्चों को भी साथ लेकर जाने से नही रोक पाया।जिससे तींनो की एकसाथ मौत हो गई।
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