एक विचित्र पहल द्वारा पृथ्वी दिवस पर गोष्ठी की हुई सराहना

  •  पानी के दुरुपयोग व पेड़ों की अवैध कटानों से निरंतर बढ़ रहा है पर्यावरण असंतुलन
  • पानी की बर्बादी रोकने व अधिक से अधिक पौधारोपण करने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाएगा

एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा आज दिनांक 22 अप्रैल 2022 दिन शुक्रवार को शाम 4 बजे क्रॉनिक एकैडमी, औरैया में पृथ्वी दिवस के पावन अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण हेतु समूचे देश में 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस का आयोजन किया जाता है, सर्वप्रथम 1970 में अमेरिका के जेराल्ड नेल्सन ने पर्यावरण शिक्षा व वृहद पौधारोपण करने हेतु लोगों को जागरूक करने के लिए इसकी शुरुआत की थी जबकि लगभग 192 से अधिक देशों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए प्रतिवर्ष आज के दिन पृथ्वी दिवस मनाया जाता है।

एकैडमी के प्रबंधक कपिल गुप्ता ने बताया कि समिति के द्वारा प्रतिवर्ष जीवनधारा पौधारोपण अभियान के अंतर्गत शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, सार्वजनिक पार्कों, स्कूलों, महाविद्यालयों, शहर के मुख्य मार्गो, यमुना तट व सार्वजनिक स्थानों पर 5100 पौधों का पौधारोपण किया जाता है, पृथ्वी की सुरक्षा व पर्यावरण के श्रंगार हेतु हम सभी को मिलकर अधिक से अधिक पौधे रोपित कर हरियाली बढ़ानी होगी, यह हम सबकी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है, पेड़ों की कटान किसी न किसी रूप में निरंतर जारी है, जोकि पर्यावरण के लिए काफी नुकसानदायक है, पर्यावरण असंतुलन से बीमारियों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है, प्रशासन व सरकार को पेड़ों की कटानों पर तत्काल रोक लगानी चाहिए।

गोष्ठी में,

आनन्द गुप्ता (डाबर) ने कहा कि पृथ्वी को प्रदूषण के संकट से बचाने और पर्यावरण के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा भागीरथ प्रयास किया जा रहा है लेकिन पर्यावरणविदों का मानना है कि सिर्फ एक दिन पृथ्वी दिवस मना लेने से सब कुछ ठीक होने वाला नहीं है, इसके लिए हम लोगों को न केवल बृहद पौधारोपण करना होगा बल्कि उन पौधों को सुरक्षित रखकर पेड़ बनने तक पूरी देखभाल करनी होगी, ताकि जब वह पेड़ बन जाए तब पर्यावरण संरक्षण के काम आए।

महिला शाखा तुलसी की एकता गुप्ता ने कहा कि जल स्तर लगातार गिरता चला जा रहा है, भूजल स्तर का गिरना पृथ्वी के लिए चिंताजनक है, पेड़ और पानी को सुरक्षित रख कर पृथ्वी को बचाया जा सकता है। समिति के संस्थापक ने गोष्ठी के समापन पर बताया कि पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को अधिक अधिक पौधारोपण व पानी के दुरुपयोग को रोकने हेतु जागरूक किया जाएगा। गोष्ठी में प्रमुख रूप से सभासद छैया त्रिपाठी, राजकीय शिक्षक अनुराग गुप्ता, सभासद पंकज मिश्रा, मनीष पुरवार (हीरू), रानू पोरवाल, महिला शाखा तुलसी की अध्यक्ष लक्ष्मी विश्नोई, जूनियर शाखा अनमोल के अध्यक्ष शिक्षक शिवम गुप्ता, सुनीता चौबे, मधुबाला, अर्पित गुप्ता, आदित्य पोरवाल आदि सदस्य मौजूद रहे।

Sach ki Dastak

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