विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र हेतु शिविर का हुआ आयोजन

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में दिव्यांगजन महिलाओं के लिए सम्मान स्वरूप प्रत्येक बुधवार को विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र हेतु शिविर का आयोजन।

संगोष्ठी में सचिव मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास नोडल अधिकारी अनंत प्रकाश मेहरा ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 की थीम ‘जेंडर इक्वालिटी टुडे फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो’ एक स्थाई और सामान कल के लिए समाज में लैंगिक समानता जरूरी बताते हुए उपस्थित सभी महिला सम्मानित जनों को बधाई दी।

बताया कि आज समाज में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित है परंतु फिर भी दिव्यांगजन महिलाओं की स्थिति सामाजिक आर्थिक शैक्षिक तथा राजनीतिक पूर्ण रूप उभर नहीं पा रही है इस सब के पीछे बहुत बड़ा कारण दिव्यांगजन महिलाओं की जागरूकता का है आज भी ऐसी तमाम दिव्यांगजन बालिकाएं एवं महिलाएं ऐसी हैं जिनको सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाओं की पूर्ण जानकारी प्राप्त नहीं होती है तथा वह विभिन्न लाभों से वंचित रह जाती हैं ऐसे में हम सभी का यह कर्तव्य है ऐसे विशेष दिवसों पर दिव्यांगजन महिलाओं को प्रोत्साहित करें तथा उनके सर्वांगीण विकास में कुछ ना कुछ योगदान अवश्य करें।

जिला देहरादून में निरंतर दिव्यांग जनों के विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र का पंजीकरण का कार्य किया जा रहा है परंतु अभी तक भी पंजीकरण न्यूनता के स्तर पर हैं इसको देखते हुए जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र देहरादून के प्रबंधक एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास नोडल अधिकारी अनंत प्रकाश मेहरा ने बताया हमें सभी महिलाओं को ध्यान में रखते हुए दिव्यांगजन महिलाओं को भी समावेशन की भावना से आगे लाना होगा।

सभी दिव्यांगजन महिलाओं को प्रत्येक स्तर पर सम्मान दिलाना होगा और न केवल इसलिए कि वह दिव्यांग है अपितु दिव्यांग होते हुए भी उनके अंदर अतुलनीय साहस है। ऐसे साहस को देखते हुए आवश्यक है कि दिव्यांगजन महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर दिए जाएं इन अफसरों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार की ओर से सभी दिव्यांग जनों के लिए विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं जो सभी दिव्यांग जनों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिव्यांग जनों हेतु सरकार की योजनाओं में लाभ देने में सहायक सिद्ध हो।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अनंत मेहरा ने बताया हमें शीघ्र अति शीघ्र देहरादून की दिव्यांगजन महिलाओं के विशेष दिव्यांगजन पहचान पत्र बनाने होंगे जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त हो सके इस हेतु उन्होंने आह्वान किया प्रत्येक बुधवार को दिव्यांगजन महिलाओं के विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र पंजीकृत किए जाएंगे ।

इसके अतिरिक्त प्रत्येक दिव्यांगजन महिलाओं को उनकी विशेष आवश्यकता के लिए चिन्हित किया जाएगा तथा जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र देहरादून उनकी सहायक उपकरण आदि की आवश्यकता को उनके घर तक पहुंचाने का कार्य करेगा।इस हेतु दिव्यांगजन महिलाएं 89545 08145 पर संपर्क कर शीघ्र अति शीघ्र पंजीकरण कराएं।

मोबिलिटी इंस्ट्रक्टर एवं स्पेशल एजुकेटर अदिति भट्ट ने बताया

दृष्टिबाधित दिव्यांगजन महिलाएं श्रवण बाधित दिव्यांगजन महिलाएं अस्थि बाधित दिव्यांगजन महिलाएं बुद्धि बाधित दिव्यांगजन महिलाएं आदि सभी दिव्यांगता से ग्रसित ऐसी महिलाएं जो अपनी दिव्यांगता को अपनी सफलता के आड़े नहीं आने देती हैं वह निरंतर खेलकूद सामाजिक आर्थिक शैक्षिक आदि सभी क्षेत्रों में अपार सफलता प्राप्त कर रही हैं और हमारे बीच प्रेरणा के स्रोत बन रहे हैं उन सभी को हमें सम्मान देना होगा जिससे न केवल हमारे समाज को दिशा मिले अपितु हमारा देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक छवि के साथ उभरे।

इस मौके पर अनूप डोभाल जी ने दिव्यांगजन महिलाओं हेतु एक कविता का संबोधन किया और इसके माध्यम से दिव्यांगजन माताओं बहनों को उन्होंने समाज में प्रेरणा का स्त्रोत बताया।

अस्थि बाधित रचना नौटियाल ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि बचपन से उन्हें पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा के अभाव से पढ़ने का मौका नहीं मिला जिससे वह निरक्षर रही परंतु उनके अंदर बहुत से ऐसे कौशल हैं जिसके चलते वह अपना जीवन यापन करने में सक्षम है और भविष्य में अपने कौशलों को और अधिक उभार कर स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाएंगे।

श्रवण बाधित आरती जोशी ने बताया यदि दिव्यांगजन चाहे तो उनकी यह कमजोरी उनकी ताकत बन सकती है निरंतर प्रयास अवश्य ही सफलता दिलाती है उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में श्रवण बाधित होने के बाद भी पीएचडी कर रही हैं और एक दिन अवश्य वह समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन कर उभरेगी।

किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य निरुपमा सूद ने बताया कि आज भी समाज में दिव्यांगजन महिलाओं को बेसहारा निराश्रित कर सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ दिया जाता है यह बहुत बहुत बड़ा अपराध है इसको रोकने के लिए सभी समाज के जिम्मेदार नागरिकों को आगे आना होगा और उनको सम्मान के साथ उनका अधिकार दिलाना होगा।

संगोष्ठी में मोबिलिटी इंस्ट्रक्टर एवं स्पेशल एजुकेटर अदिति भट्ट, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड निरुपमा रावत,अस्थि बाधित दिव्यांग रचना नौटियाल ,सीता रावत अनूप डोभाल, श्रवण बाधित दिव्यांगजन आरती जोशी, रुचि सलोनी, पूजा ,कृष्णा नौटियाल उमेश ग्रोवर, कशिश ग्रोवर, सुनीता, विनय आदि लोगों ने प्रतिभाग किया।

_अनंत प्रकाश मेहरा
जिला दिव्यांग पुनर्वास अधिकारी
जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र देहरादून उत्तराखंड

Sach ki Dastak

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