69000 शिक्षक भर्ती घोटाला: न्यायालय से रद्द हो सकती है परीक्षा

प्रयागराज:

उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, 69000 सहायक शिक्षक भर्ती घोटाला में परीक्षा के टॉपर को गिरफ्तार कर लिया गया है। परीक्षा के टॉपर की गिरफ्तारी प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र से की गई है। बता दें कि पुलिस इस मामले में अभी पचास से अधिक अभ्यर्थियों की तलाश कर रही है। जानकारी के मुताबिक, अभ्यर्थी आठ से दस लाख रुपये देकर परीक्षा में पास हुए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पूरी तरह से ये परीक्षा रद्द हो सकती हैं। प्रयागराज के दर्जनों सेंटरों एवम पूरे प्रदेश में जमकर धांधली हुई जिसकी हर जिले में परीक्षा बाद प्रतियोगी छात्रों ने अपने नजदीकी थाने में शिकायत भी दर्ज कर चुके हैं।इस धांधली को देखते हुए परीक्षा पूरी तरह से रद्द हो सकती हैं। दरअसल, एक खबर थी कि 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती परीक्षा में 150 में से 142 नंबर पाने वाले कैंडिडेट धर्मेंद्र कुमार पटेल को देश के राष्ट्रपति का नाम तक नहीं पता है। वो जनरल नॉलेज के आसान सवालों के भी जवाब दे पाने में असमर्थ रहे।गौरतलब है कि 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती में अभ्यर्थियों को पास कराने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। इस फर्जीवाड़े में 8 लोगों का नाम सामने आया था।इस शिक्षक भर्ती में पास कराने के लिए लाखों रुपए लोगो से लिया गया।पुलिस के मुताबिक प्रतापगढ़ निवासी राहुल सिंह से आरोपियों ने शिक्षक भर्ती में पास कराने के लिए 7.50 लाख रुपए लिए थे। 1 जून को रिजल्ट आने पर जब उसका नाम लिस्ट में नहीं आया तो उसने इन सभी से बात करना चाहता, सभी ने फोन बंद कर लिया था। इसके बाद युवक को पता चला की यह धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा करने वाला गिरोह है।
जब उन लोगो का कुछ पता नही चला तो राहुल सिंह ने शिकायत की।राहुल सिंह की शिकायत पर पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ सोरांव थाने में एफआईआर दर्ज की। एफआईआर के मुताबिक गिरोह के सदस्यों ने 20 और लोगों से परीक्षा में पास कराने के लिए पैसे लिए हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इस फर्जीवाड़े में सरगना समेत सात को पुलिस ने हिरासत लिया था। पुलिस को इनके पास से दो कार, लाखों रुपए और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।फर्जीवाड़ें मामले में प्रयागराज की पुलिस ने दो उम्मीदवारों समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 3 आरोपियों को नामजद किया है।इस मामले की जाँच एसटीएफ को दे दिया गया है लेकिन अभी तक एसटीएफ की टीम चन्द्रमा यादव एवम मायापति दुबे समेत उनके गुर्गों को पकड़ने में नाकामयाब रही है।अगर इन लोगो की गिरफ्तारी होती है तो बड़े खुलासे देखने को मिल सकते हैं।लोगों के द्वारा आरोप यह भी लगाया जा रहा कि एसटीएफ की जांच मात्र लीपापोती कर रही है ऐसे में लोग सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं इस भर्ती को रद्द करने के लिए लखनऊ में याचिका दाखिल की जा चुकी है जिसकी अभी तक तीन सुनवाई हुई है लेकिन महाधिवक्ता मौजूद नही रहे हैं।इस याचिका की अधिवक्ता नूतन ठाकुर जी हैं जो बच्चो के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही हैं। वही भर्ती की सीबीआई जांच प्रकरण में इलाहाबाद में भी एक याचिका डाली गई है जिसके अधिवक्ता सीमांत सिंह जी हैं।प्रतियोगी छात्रों में अगर देखा जाय बन्टी पाण्डेय इस मामले में बहुत ही सक्रियता दिखा रहे हैं।उन्होंने बताया कि सारे साक्ष्य कोर्ट में लगा दिए गए हैं जिसको देखते हुए पेपर शत प्रतिशत रद्द होने की उम्मीद है ।बन्टी पाण्डेय का मानना है कि इस भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली हुई इसलिए इस परीक्षा को रद्द करके दुबारा नई नियमावली के साथ सभी छात्रों को शामिल करके पेपर फिर से होना चाहिए। इस सम्बंध में वे राज्यपाल एवम मुख्यमंत्री समेत कई लोगो को ज्ञापन भी दे चुके हैं।

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