69000 शिक्षक भर्ती को रद्द करने की मांग हुई तेज छात्रों ने चलाया ट्विटर अभियान लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई 6 अगस्त को

लखनऊ:

69000 शिक्षक भर्ती में धांधली एवं भ्रष्टाचार को लेकर 31 जुलाई को ट्विटर अभियान चलाया गया जिसमें शीर्ष नेतृत्व बन्टी पाण्डेय अनिल सिंह एवं सुनिल मौर्य ने किया।बन्टी पाण्डेय का कहना है कि ट्विटर अभियान लगातार चलाया जाता रहा है। 69000 शिक्षक भर्ती को रद्द करने के लिए पूरे 75 जनपद के जिला अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सम्मलित होकर 69000 शिक्षक भर्ती रद्द करके सीबीआई जांच कि मांग कर रही है।भर्ती में धांधली कराने वाले आरोपी चन्द्रमा यादव, मायापती दूबे, केएल पटेल के गुर्गे अभी भी फरार है जिससे पूरे उत्तर प्रदेश में अभ्यर्थियों में रोष है।इनका पकडा जाना जरुरी है।ट्विटर अभियान के माध्यम से पूरे प्रदेश के अभ्यर्थियों ने असंतुष्टि जाहिर की एवम भर्ती को रद्द करने की मांग भी कर रहे है। इस सम्बंध में लखनऊ खंडपीठ में एक याचिका भी डाली गई है जिसकी याचिका संख्या 9853/2020 है इस केस की अधिवक्ता नूतन ठाकुर जी हैं। इस केस की सुनवाई 6 अगस्त को होनी है। 69000 शिक्षक भर्ती की दशा और दिशा दागदार हो चुका है इस भर्ती से लाखों अभ्यर्थियों में असंतुष्टि है। बन्टी पाण्डेय ने बताया कि भ्रस्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे अभिषेक कुमार पाठक,विपुल मिश्रा अरविंद गौतम,अमित तिवारी अशोक सिह,नेहा एवं समस्त जिला अध्यक्ष उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।ये लोग भी भर्ती को रद्द करने की मांग कर रहे है, एवम उन लोगो का कहना है कि अभी कोरोना की वजह से धरना नही दिया जा सकता जैसे ही स्थिति सामान्य हो जाती है प्रदेश ब्यापी धरना भी दिया जाएगा। जब तक भर्ती रद्द नहीं हो जाती तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा।

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