Chandrayaan 2 landing live updates: बेंगलुरु पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी, चंद्रयान-2 की लैंडिंग के वक्त ISRO मुख्यालय में –

भारत का सच होता सपना, स्पेस मिशन चंद्रयान 2 के चांद पर कदम रखने में कुछ घंटे बाकी हैं। पूरे देश के साथ ही दुनिया की नजर भी भारत के मिशन चंद्रयान-2 पर टिकी हुई हैं। इसरो के मुताबिक चंद्रयान 2 विक्रम लैंडर की चंद्रमा के सतह पर लैंडिंग आज आधी रात सुबह 1.30 से सुबह 2.30 पर निर्धारित की गई है।

लैंडिंग के बाद सुबह साढ़े 5 से साढ़े 6 बजे के बीच रोवर विक्रम से अलग होगा। देश का यह मिशन सफल होता है तो भारत चांद के साउथ पोल पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा। इस हिस्से पर अभी कोई और नहीं पहुंचा है। जानिए चंद्रयान की लैडिंग से जुड़ा हर अपडेट…

चांद की सतह पर भारतीय संस्कृति की छाप – 

चंद्रयान – 2 के साथ ही काशी की पहचान और निशान चांद की सतह तक जा पहुंचे हैं। इस पूरे मिशन में जो निशान चांद पर मौजूद होंगे उनमें से एक सारनाथ से लिए गए राष्ट्रीय प्रतीक अशोक की लाट में बने सिंहशीर्ष के भी हैं। दरअसल यह निशान रोवर प्रज्ञान के चंद्रमा पर चलते समय पहियों से बनेंगे। वैज्ञानिकों ने पहियों पर इसरो के प्रतीक और अशोक की लाट की आकृति बनाई है जो कदम दर कदम चंद्रमा की सतह पर बनते जाएंगे।

बेंगलुरु पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदीबेंगलुरु पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु पहुंच गए हैं। वे चंद्रयान-2 की लैंडिंग के वक्त ISRO मुख्यालय में रहेंगे। बेंगलुरु पहुंचने पर एयरपोर्ट पर सीएम बीएस येदियुरप्पा ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के करीब 70 छात्र-छात्राओं के साथ बैठकर चंद्रयान की लैंडिंग देखेंगे। पीएम ने देशवासियों से भी अपील की है कि वे इस मौके के साक्षी बनें और इस खास पल के फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करें।

इसरो के बेंगलुरु स्थित टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क सेंटर के बाहर दोपहर 1:45 बजे से ही लोगों की भीड़ जुट गई है। इस पूरे कार्यक्रम को कवर करने के लिए यहां देश-विदेश के सैकड़ों मीडियाकर्मी पहुंचे हुए हैं।

चंद्रयान-2 की लाइव टेलीकास्टिंग दिखाने के लिए इसरो ने भी पूरी व्यवस्था कर रखी है। आईएसटीआरएसी के अंदर जर्मन टेक्नोलॉजी के स्क्रीन लगाए गए हैं, ताकि मीडिया और स्थानीय लोगों को पूरे इंवेट की लाइव अपडेट मिलती रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ISTRAC सेंटर के बगल में स्थित मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स से इस ऐतिहासिक घटना के गवाह बनेंगे। उनके साथ करीब 70 बच्चे भी चंद्रयान-2 की लैंडिंग को लाइव देखेंगे।

लैंडिंग के बाद सुबह साढ़े 5 से साढ़े 6 बजे के बीच विक्रम से प्रज्ञान अलग होगा। गौरतलब है कि दो सितंबर को चंद्रयान के ऑर्बिटर से लैंडर को अलग किया गया था। इसके बाद तीन और चार सितंबर को इसकी कक्षा को कम (डी-ऑर्बिटिंग) करते हुए इसे चांद के नजदीक पहुंचाया गया। अब इस पूरे अभियान का सबसे मुश्किल पल आने वाला है। यह पल इसलिए भी जटिल है, क्योंकि इसरो ने अब तक अंतरिक्ष में सॉफ्ट लैंडिंग नहीं कराई है।

22 जुलाई को हुआ था रवाना-

22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-2 को रवाना किया गया था। इसका प्रक्षेपण इसरो के सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी-मार्क3 की मदद से हुआ था। फिलहाल लैंडिंग से पहले के सभी अहम पड़ाव पार हो चुके हैं।

मिशन चंद्रयान योजना के मुताबिक ही आगे बढ़ रहा हैः इसरो प्रमुख
चांद पर चंद्रयान की लैंडिंग से पहले इसरो के वैज्ञानिकों की धड़कनें भी बढ़ी हुई हैं। इस बीच इसरो के चीफ ने बताया है कि मिशन चंद्रयान योजना के मुताबिक ही आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान के लैंडिंग की प्रक्रिया बिल्कुल सामान्य गति से चल रही है।

बच्चों के बीच मोदी… 

इस ऐतिहासिक उपलब्धि का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बेंगलुर में इसरो के मुख्यालय में उपस्थित रहेंगे। इस दौरान देशभर से करीब 60 से 70 छात्र भी उनके साथ इस पल का गवाह बनेंगे। अलग-अलग राज्यों इन छात्रों को प्रतियोगिता के माध्यम से चुना गया है।

130 करोड़ भारतीय बेसब्री से कर रहे हैं इंतजार: पीएम मोदी-

इस क्षण का 130 करोड़ भारतीय बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब से कुछ घंटों में चंद्रयान 2 के कदम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर होंगे। भारत और बाकी दुनिया हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुकरणीय प्रगति की गवाह बनेगी।पीएम मोदी ने कहा- फोटो शेयर करें, मैं री-ट्वीट करूंगा। 

 

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