कॉफी बोर्ड ने ब्लॉकचेन आधारित कॉफी ई-मार्किटप्लेस का शुभारंभ किया-

वाणिज्य सचिव डॉ• अनूप वधावन ने गुरूवार को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ब्लॉकचेन आधारित कॉफी ई-मार्किटप्लेस का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रायोगिक परियोजना से किसानों को बाजारों के साथ पारदर्शी ढंग से जोड़ने में मदद मिलेगी और कॉफी उत्पादकों को उचित मूल्य की प्राप्ति होगी।

डॉ• वधावन ने कहा कि ब्लॉकचेन से कॉफी उत्पादकों और खरीदारों के बीच की परतें कम होंगी और किसानों को अपनी आमदनी दोगुनी करने में मदद मिलेगी।

यह परियोजना केन्या के नेरोबी से अंतर्राष्ट्रीय कॉफी संगठन (आईसीओ) के कार्यकारी निदेशक होजे दोतेरसेत्ते, द्वारा भी समानान्तर रूप से आरंभ की गई। इस अवसर पर केन्या में भारत के उच्चायुक्त राहुल छाबरा भी उपस्थित थे।

भारत दुनिया का एक मात्र ऐसा देश है जहां कॉफी छाया में उगाई जाती है, उसे हाथ से तोड़ा जाता है और धूप में सुखाया जाता है। यहां उगायी जाने वाली कॉफी दुनिया की सबसे बेहतरीन कॉफी में शुमार है।

कॉफी छोटे उत्पादकों, दुनिया के जैवविविधता दो प्रमुख वाले क्षेत्रों – पश्चिमी और पूर्वी घाटों में राष्ट्रीय उद्यानों और वन्य जीव अभ्यारणयों से सटे इलाकों के जनजातीय किसानों द्वारा उगायी जाती है। विश्व बाजार में भारतीय कॉफी की बहुत मांग है और यह प्रीमियम कॉफी के रूप में बेची जाती है। लेकिन बदले में किसानों को बहुत कम आमदनी होती है।

भारतीय कॉफी की ट्रेडिंग के लिए ब्लॉकचेन आधारित मार्किटप्लेस ऐप का उद्देश्य भारतीय कॉफी के व्यापार में पारदर्शिता लाना है। इस पहल से भारतीय कॉफी की ब्रैंड इमेज तैयार करने में मदद मिलेगी और खरीदारों तक सीधी पहुंच कायम होने से कॉफी उत्पादकों की बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।

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