3000 रुपए की पेंशन के लिए 15 फरवरी से कर सकेंगे आवेदन, ये हैं नियम और शर्ते-

कहते समय पंख लगाकर उड़ जाता है। खासतौर पर जब आपके दिन बहुत ही अच्छे बीत रहे हो लेकिन फिर भी वर्तमान के अलावा भविष्य के बारे में कदम उठाने को समझदारी कहा जाता है। जैसे, उम्र के एक पड़ाव पर आने के बाद काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है इसलिए उस उम्र के लिए कुछ प्लानिंग करनी ही चाहिए। सरकार इसी जरूरत को समझते हुए समय-समय पर नागरिकों के लिए योजना चलाती रहती है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की शर्तें जारी कर दी है। यह स्कीम 15 फरवरी 2019 से लागू होगी। इस स्कीम के तहत असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को 60 साल की उम्र के बाद 3000 रुपए प्रति माह की पेंशन दी जाएगी। सरकार ने इस स्कीम की घोषणा 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में की थी। सरकार ने इस स्कीम की अधिसूचना जारी कर दी है।      

 कौन लोग कर सकते हैं अप्लाई अधिसूचना के मुताबिक, यह स्कीम असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों पर ही लागू होगी। इनमें घर में काम करने वाले, रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार, ड्राइवर, प्लंबर, दर्जी, मिड-डे मील वर्कर, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य करने वाले मजदूर, कूड़ा बीनने वाले, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा, कृषि कामगार, मोची, धोबी, चमड़ा कामगार इत्यादि शामिल हैं।   

आधार है जरूरी मेगा पेंशन स्कीम से जुड़ने के लिए असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मी की इनकम 15,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। पात्र व्यक्ति का सेविंग बैंक अकाउंट और आधार नंबर होना चाहिए।  

 इन्हें नहीं मिलेगा फायदा वर्कर की उम्र 18 साल से कम और 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पहले से ही केंद्र सरकार की सहायता वाली किसी अन्य पेंशन स्कीम का सदस्य होने पर वर्कर मानधन योजना के लिए पात्र नहीं होगा।   

 किश्त न देने पर क्या करना होगा अपने हिस्से का योगदान (किश्त) करने में चूक होने पर पात्र सदस्य को ब्याज के साथ बकाए का भुगतान करके कॉन्ट्रिब्यूशन को नियमित करने की अनुमति होगी। यह ब्याज सरकार तय करेगी।  

 कब निकाल सकते हैं पैसे यदि सब्सक्राइबर जुड़ने की तारीख से 10 साल के अंदर स्कीम से निकलने का इच्छुक है तो केवल उसके हिस्से का योगदान सेविंग बैंक की ब्याज दर पर उसे लौटाया जाएगा। यदि सब्सक्राइबर स्कीम से 10 साल बाद लेकिन 60 साल की उम्र से पहले निकालता है तो उसे पेंशन स्कीम में कमाए गए वास्तविक ब्याज के साथ उसके हिस्से का योगदान लौटाया जाएगा।   

मौत होने पर क्या होगा? किसी कारण से सदस्य की मौत हो जाने पर जीवनसाथी के पास स्कीम को चलाने का विकल्प होगा। इसके लिए उसे नियमित योगदान करना होगा। सब्सक्राइबर और उसके जीवनसाथी की मौत होने की दशा में रकम को वापस फंड में क्रेडिट कर दिया जाएगा।     

विकलांग होने पर क्या होगा ? यदि सब्सक्राइबर 60 साल की उम्र से पहले अस्थायी रूप से विकलांग हो जाता है और स्कीम में योगदान करने में समर्थ है तो उसके पास स्कीम के वास्तविक ब्याज के साथ अपने हिस्से का योगदान लेकर स्कीम से निकलने का विकल्प होगा।

 जीवनसाथी को मिलेगा हक उन वर्षों के दौरान जब सब्सक्राइबर को पेंशन मिलेगी, तब जीवनसाथी को उसमें से 50 फीसदी लेने का हक होगा। सब्सक्राइबर की मौत के बाद बच्चों को पेंशन बेनिफिट लेने का हक नहीं होगा.

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