‘स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ कर सशक्त बने ग्रामीण महिलाएं – माननीय राज्यपाल

टीबी रोगियों को गोद लेकर कराएं समूचित इलाज का प्रबंध, बच्चों को दें अच्छी शिक्षा और उनके स्वास्थ्य का रखें ख्याल।

माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमति आनंदीबेन पटेल का मंगलवार जनपद चंदौली का एक दिवसीय दौरा संपन्न हुआ। यहां पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर के रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय सभागार में क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत क्षय रोगियों की सहायता में जुटे स्वयं सेवी संस्थाओं, क्षय रोगी के परिवारीजनों से मुलाकात की। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में उन्होंने कृषि विभाग की ओर से जिले में ब्लैक राइस उत्पादन सहित कृषि उत्पादक संगठन और प्रगतिशील किसानों से संवाद एवं महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद यह जनपद चंदौली का यह मेरा पहला दौरा है।

सबसे पहले राज्यपाल ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 18 वर्ष तक के टीबी ग्रसित रोगियों को माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश के प्रेरणास्वरूप स्वयं सेवी संस्थानाओ जिनके द्वारा टीबी मरीजों को गोद लिया गया है, उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। उनसे क्रिया कलापों के बारे में संवाद किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी द्वारा टीबी हारेगा देश जीतेगा के उपर पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से संक्षिप्त प्रस्तुति दी गई। इस दौरान मानव कल्याण सेवा समिति चंदौली, मानव खिदमत फाउंडेशन मारूफपुर, उत्तर प्रदेश नेटवर्क वेलफेयर फार पिपुल, लिविंग विथ एचआईवी /एड्स सोसाइटी, अक्षय परियोजना चंदौली, ग्राम्या संस्थान नौगढ़ चंदौली, रामनगर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन, सोशल वेलफेयर इंस्टीट्यूट पड़ाव, मानव सेवा केंद्र नौगढ़ चंदौली सहित आठ स्वयं सेवी संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र दिया गया। इस अवसर पर टीबी रोग से ग्रसित रोगियों के परिजनों को माननीय राज्यपाल द्वारा पूरक आहार प्रदान किया गया। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल ने कहा कि 12 जनवरी तक प्रदेश में टीबी खोज अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत व्यापक रूप से सर्वेे किया जा रहा है। उन्होंने स्वंय सेवी संस्थाओं और इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के अपील करते हुए कहा कि चिह्न‌ित मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार में भरपूर सहयोग किया जाए। इससे देश में टीबी का संपूर्ण उन्मूलन होगा। टीबी हारेगा देश जीतेगा, का सपना साकार होगा। माननीय राज्यपाल ने कहा कि क्षय रोग से ग्रसित लड़के लड़कियों में भेद न करें। सभी का समूचित इलाज करें। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अभूतपूर्व अभियान शुरू किया गया है, जो अन्य राज्यों में अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में भी तीन से छह साल के बच्चे आते हैं। हमें ऐसे बच्चों के पोषण एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। कहा कि प्राइवेट स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केंद्रों को भी विकसित किया जाए। यहां स्वच्छ पानी, टॉयलेट, खेलने के सामान, खिलौने, कलर्ड टेबल, बैठने की अच्छी व्यवस्था इत्यादि का समूचित प्रबंध हो, जिससे बच्चे आकर्षित हो। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक गांव में चिह्न‌ित मरीजों को ठीक करने के लिए गांव वाले संकल्प लें और उपचार में भरपूर सहयोग करें। दूसरे सत्र में माननीय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) एवं प्रगतिशील कृषकों से संवाद का कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर कृषि विभाग की ओर से ब्लैक राइस का प्रावर प्रजेंटेशन कृषि रक्षा अधिकारी अमित जायसवाल की ओर से किया गया। एफपीओ की ओर से ईसानी एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के अजय सिंह, श्रमिक महिला नेचुरल फार्मिंग प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के श्रीकेश, शिवनंदन फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के श्रीरमेश साथ काला चावल उत्पादन करने वाले शशिकांत राय, रतन कुमार सिंह, वीरेन्द्र कुमार ‌सिंह, कपिल देव सिंह, बद्री यादव, अखिलेश मिश्र, किरन मिश्र, दुर्गा प्रसाद, शिमला मिर्च उत्पादन करने वाले मुनीब, स्ट्राबेरी की खेती करने वाले अनिल मौर्य, मत्स्य पालक मदनजीत सिंह, शशांक कुमार ‌सिंह आदि प्रगतिशील कृषकों से संवाद किया और उनके अनुभव साझा किया।

इस मौके उन्होंने कहा कि उत्पादन संगठन बनने से किसानों को और लाभ होगा। भारत के प्रधानमंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प लिया है। इसके लिए वैज्ञानिक तरीके से खेती कर उत्पादन बढ़ाना होगा। इस अवसर पर कहा कि किसानों को अच्छे बीज, सिंचाई के लिए पानी, अच्छी व्यवस्था मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं भी किसान की बेटी हूं, किसानी समझती हूं। किसान उन्नत तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अच्छी खेती कर आत्मनिर्भर बनें। इसी तरह जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूहों के क्रिया कलापों के बारे में जानकारी ली एवं पांच चिह्न‌ित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से इस अवसर पर संवाद किया। इसमें काली स्वयं सहायता समूह नौली पट्टी की रेनु विश्वकर्मा, डॉ. भीमराव आंबेडकर स्वयं सहायता समूह चक चंदौली की शकुंतला, मां सरस्वती स्वयं सहायता समूह गोड़सर शहाबगंज की आरती, सरस्वती सहायता समूह खंडवारी चहनिया की सत्यभामा देवी, प्रकाश स्वयं सहायता समूह श्रीकंठपुर चंदौली की मंजिरा देवी से संवाद किया। इस मौके पर माननीय राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सशक्त एवं स्वावलंबी बने। महिलाएं सशक्त होंगी तभी भारत सशक्त होगा। इसके लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनना होगा। महिलाओं को विभिन्न क्रियाकलापों से अपनी आय में वृद्धि करनी होगी। उन्होंने उपस्थित महिलाओं सलाह देते हुए कहा कि महिलाएं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें। संकल्प लें कि हमें गरीबी से बाहर निकलना है। इस अवसर पर उन्होंने अनावश्यक खर्च से बचने की सलाह देते हुए कहा कि विवाह आदि आयोजनों पर अनावश्यक खर्च से बचें। समाज में झूठी शान से बचे, पैसे का सही ढंग से उपयोग करें। जिससे आपका परिवार सुखी और खुशहाल होगा। इसके पहले जिलाधिकारी श्री संजीव सिंह ने मानीनय राज्यपाल महोदया के स्वागत के साथ ही क्षय रोग उन्मूलन के लिए जनपद में किए गए प्रयास एवं उपलब्धियों के संबंध में अवगत कराया। अंत में जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के कार्यक्रम में महोदया का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं सुझाव मिले हैं, वह जनपद के विकास में अत्यंत लाभदायक होगा। जो निर्देश प्राप्त हुए हैं उसका पूर्णतया पालन किया जाएगा। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भेंट स्वरूप अपने उत्पाद प्रदान किए। जिला प्रशासन की ओर से आकर्षक जरी जरदोजी का मोमेंटो प्रदान किया। इसकी राज्यपाल महोदया द्वारा सराहना की गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, मुख्य विकास अधिकारी अजितेन्द्र नरायन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके मिश्र,अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार सहित स्वयं सेवी संगठनों के सदस्य, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और एफपीओ, प्रगतिशील किसान आदि अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी रहे।

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