सुविचार :

जीवन में योग के साथ निस्वार्थ
प्रेम,सहयोग उतना ही जरूरी है
जितना कि दीपक को जलाने के लिए 
लिए तेल बाती और अग्नि।

- ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना,
न्यूज एडीटर सच की दस्तक 
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