न्यायालय भवन में देरी पर डीएम का सख्त एक्शन, जर्जर पॉलिटेक्निक और डिग्री कॉलेजों पर कार्रवाई कब
सच की दस्तक डिजिटल न्यूज डेस्क चन्दौली
कमलाकर तिवारी की रिपोर्ट
जिलाधिकारी चन्द्रमोहन गर्ग ने निर्माणाधीन न्यायालय भवन का औचक निरीक्षण कर कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में निर्माण कार्य पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले में शिक्षा विभाग की बदहाल व्यवस्था भी चर्चा का विषय बन गई है। जनपद के कई पॉलिटेक्निक एवं डिग्री कॉलेजों के भवन लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। इन भवनों में छात्र-छात्राएं जोखिम के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं, लेकिन अब तक इन संस्थानों की स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है।

इस मामले में अधिवक्ता जनमेजय सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि न्यायालय भवन के निर्माण में देरी पर प्रशासन सख्ती दिखा सकता है, तो वर्षों से जर्जर पड़े शिक्षण संस्थानों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

जिले के अभिभावकों और स्थानीय लोगों का भी कहना है कि जर्जर भवनों में संचालित शिक्षण संस्थान किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। ऐसे में इन भवनों की तत्काल तकनीकी जांच कर आवश्यक मरम्मत अथवा नए भवनों के निर्माण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या न्यायालय भवन की तरह जर्जर पॉलिटेक्निक और डिग्री कॉलेजों की बदहाली पर भी प्रशासन सख्ती दिखाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी, या फिर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा यूं ही अनदेखा होता रहेगा।

