बाबा का आर्शिवाद लेकर साधु संत अपने गन्तव्य को हुए रवाना
सच की दस्तक डिजिटल न्यूज डेस्क चन्दौली
जितेन्द्र मिश्र
घोरो के घोर अघोराचार्य बाबा कीनाराम की जन्मस्थली व तपस्थली रामगढ़ में जन्मोत्सव कार्यक्रम के चौथे दिन रविवार को अघोरी पंथ व वैष्णवी के साधु संत बाबा कीनाराम के दर्शन पूजन किए। साधु संतों, अघोर पथ के साधु संतांे को भोजन कराकर उन्हे अंगवस्त्र व मुद्रा दान कर उन्हे विदा किया गया।
तत्पश्चात साधू संतों के बाबा कीनाराम की जय व हर-हर महादेव के गगनभेदी नारे से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया। कार्यक्रम व्यवस्थापक मेजर अशेक सिंह ने बताया कि पूरे जनमानस पर बाबा कीनाराम जी आर्शिवाद सदैव बना है और बना रहेगा। बाबा कीनाराम अपना पूरा जीवन दूसरे की भलाई और जनकल्याण करते रहे।
समाज में ऊॅच-नीच छुवाछूत आदि किसी भी प्रकार का भेद-भाव नही किया। उन्होने केवल मानव धर्म का पालन करते हुए दूसरों की सेवा की। साथ ही उन्होने पर्यावरण की दृष्टि से पेड़ांे की रक्षा करते रहे।
बाबा कीनाराम अपने जीवन में कभी भी किसी को, किसी भी प्रकार का कष्ट नही दिया आप लोग सदैव बाबा के जीवन चरित्र का मनन करते हुए बाबा के बताये रास्ते पर चलने का प्रयास करे आप सभी कल्याण होगा जय कीनाराम। बाबा का का प्रसाद ग्रहण कर साधु संत अपने आप को धन्य समझे। बाबा कीनाराम की जय, सिद्धार्थ गौतम रामजी जय व हर-हर महादेव के उद्घोष करते हुए साधु संत अघोरी संत अपने-अपने गनतव्य के रवाना हो गये।
इस दौरान केंद्र व्यवस्थापक व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह, अरुण सिंह, प्रभुनारायण सिंह उर्फ लल्ला सिंह, प्रमोद सिंह, लालबहादुर सिंह , राजेश यादव, रूद्र प्रताप सिंह, इन्द्रेश कुमार, संगीता सिंह, भानू प्रताप सिंह, अमित, रूबी सिंह, धनन्जय सिंह उर्फ धन जी, कुलदीप वर्मा, मिथिलेश सिंह, संतोष पटेल, अनिल पांडेय, बुज्जा पांडेय, दिनेश सोनकर, सुनील विश्वकर्मा, अशोक मौर्य, नन्दू गुप्ता, संदीप पाटिल, आदि उपस्थित रहे।
बाबा कीनाराम जन्मोत्सव के विदाई के दौरान नागा सन्यासियो धुवों के बीच किया नाच गाना
बाबा कीनाराम जन्मोत्सव वास्तव में एक अलग ही नजारा प्रस्तुत करता है। जहा क्षेत्र के लोग अपने-अपने तरीके से बाबा कीनाराम का जन्मोत्सव मनाते है। वही बाबा किनाराम के तीन द्विसीय जन्मोत्सव के दौरान एक बेहद आश्चर्य जनक नजारा देखने को मिला जहा ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बाबा कीनाराम स्वयं धरा पर उतर साधु संतो के बीच ठुमके लगा रहे हो।
एक तरफ गाजे के धुआंे के बीच अघोर पंथ संम्प्रदाय के लोग बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव पर घंटो नाच गा के मना रहे थे। जिससे पूरा मठ कीनाराम मय हो गया। चारो तरफ बाबा कीनाराम की जय बाबा सिद्धार्थ गौतम राम की जय साथ हर-हर महदेव के उदघोष से पूरा मठ परिसर गूंजायमान बना रहा मानो ऐसा लग रहा बाबा कीनाराम का वास्तविक जन्म आज ही हुआ हो।




