सच की दस्तक डिजिटल न्यूज डेस्क चन्दौली
*चहनिया ।* स्थानीय क्षेत्र के लक्ष्मणगढ़ गांव में चल रहे श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन संत दास जी महाराज द्वारा पूतना वध की कथा का मनोरम व्याख्यान किया गया। जिसे सुनकर श्रोता भक्ति के सागर में डूब गए।
महाराज जी ने कहा कि कंस के कहने पर राक्षसी पूतना सुंदर स्त्री का रूप धारण कर नंद बाबा के घर में प्रवेश कर गई। उसने अपने स्तनों में कालकूट विष लगाकर बालक श्रीकृष्ण को मारने का प्रयास किया। लेकिन अंतर्यामी भगवान ने उसके कपट को पहचान लिया और दूध के साथ उसके प्राणों को भी पी लिया। पूतना बाहर से सुंदर थी पर भीतर विष भरा था, जो आज के छल-कपट का प्रतीक है। भगवान ने उसे भी माता की गति प्रदान की, क्योंकि भगवान भाव देखते हैं।
पूतना का अर्थ है जो पवित्रता का आवरण ओढ़कर भीतर से अपवित्र हो। भगवान ने संदेश दिया कि जीवन में बाहर और भीतर दोनों से पवित्र होना चाहिए।
इस मौके पर उपस्थित रहे
उपेंद्र सिंह, बनवारी पांडे, धीरेंद्र पांडे, अखिलेश अग्रहरि, गुड्डू गिरी बाबा, विंध्याचल तिवारी, पारसनाथ मिश्र, डॉ. जितेंद्र मिश्रा, सुरेंद्र नाथ तिवारी,रामकुमार पांडे (चंदन, जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय बजरंग दल)अम्बरीष मिश्रा, डॉ. आनंद प्रकाश मिश्रा, डॉ. राधा कांत पाठक, विजय प्रकाश मिश्रा, मंगला मिश्रा (जैनपुर), सूबेदार सिंह, योगेंद्र पासवान, दिवाकर पांडे, प्रिंस तिवारी, बिनित पांडे, अखिलेश, माधव पांडे, आदित्य पांडे समस्त ग्रामवासी।
