खूब लड़ी.. उन्नाव की बेटी, जिंदगी से जंग हारी

जो बेटियां अपनी अस्मत के लिए इस सिस्टम से जंग लड़ती हैं उनको मर्दानी कहा जाता है, आखिर! जनानी क्यों नहीं कहा जाता? क्या मर्द ही मजबूत होता है औरत नहीं? उन्नाव की बेटी को कहेगें कि वह खूब लड़ी और आखिर! इस सड़े गले सिस्टम की भेंट चढ़ गयी।

बता दें कि 40 घंटे तक लड़ने के बाद आखिरकार उन्नाव की बेटी जिंदगी और मौत की जंग हार गई। शुक्रवार देर रात 11 बजकर 40 मिनट पर दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में कार्डिऐक अरेस्ट की वजह से उसकी मौत हो गई। सुबह 10 बजे के करीब पीड़िता का पोस्टमॉर्टम होगा और 12 बजे के करीब उसका शव उन्नाव लाया जाएगा। वह जीना चाहती थी, अपने गुनहगारों को फांसी पर लटकते देखना चाहती थी, वह इलाज के दौरान बार-बार कह रही थी-मेरे आरोपियों को छोड़ना मत लेकिन उसकी आवाज हमेशा के लिए बंद हो गई। अब पीड़िता के परिजनों कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्नाव केस में सभी पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

गुरुवार तड़के 4 बजे रेप पीड़िता रायबरेली जाने के लिए ट्रेन पकड़ने उन्नाव के बैसवारा बिहार रेलवे स्टेशन जा रही थी। वह रायबरेली अपने वकील से केस के विषय को लेकर बात करने जा रही थी। इस दौरान गौरा मोड़ पर गांव के हरिशंकर त्रिवेदी, किशोर, शुभम, शिवम और उमेश ने उसे घेर लिया और सिर पर डंडे और गले पर चाकू से वार किया। चक्कर आने पीड़िता गिर गई तो आरोपियों ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

जलने के बाद भी पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और अपने जले हुए शरीर के साथ पीड़िता एक किमी तक दौड़ती रही, उसका शरीर धू-धू करके जल रहा था। आग का गोला बनी पीड़िता को जिसने भी देखा उसका कलेजा फट गया। वह लगातार मदद की गुहार लगा रही थी। चश्मदीदों ने पुलिस को कॉल की, तो पीड़िता ने खुद पुलिस से बात की और मदद के लिए बुलाया। थोड़ी ही देर में पुलिस आ गई और वह उसे गाड़ी में बिठाकर ले गए।

पीड़िता को पहले स्थानीय सामुदायिक केंद्र ले जाया गया। वहां से बाद में उसे जिला अस्पताल और उसके बाद लखनऊ ले जाया गया। लखनऊ में सिविल अस्पताल में कुछ घंटे उसका इलाज चलता रहा। इसके बाद 90 प्रतिशत तक जल चुकी पीड़िता को गुरुवार रात ही एयरलिफ्ट कर दिल्ली ले जाया गया।

सांस की नली तक जल गई-

गुरुवार रात सांस में तकलीफ आने पर 9:30 बजे के करीब उसे वेंटिलेटर पर डालना पड़ा। डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता वेंटिलेटर पर थी और उसके सारे अंग (ऑर्गन) सही से काम नहीं कर रहे थे। आग की वजह से सांस के जरिए गर्म और टॉक्सिक हवा अंदर चली गई, जिससे उसकी सांस की नली जल गई, इस वजह से सांस लेने में दिक्कत आ रही थी।

शुक्रवार रात 11 बजकर 40 मिनट पर पीड़िता ने दम तोड़ दिया। वह काफी समय से बेहोशी की हालत में थी। पीड़िता के साथ पिछले साल रेप हुआ था और इसी साल मार्च महीने में एफआईआर दर्ज हुई थी। उस वक्त उनमें से एक को गिरफ्तार किया गया था जो 3 दिसंबर को ही जमानत पर बाहर आया था। पीड़िता के भाई की तहरीर पर दोनों के खिलाफ धारा 307, 326 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों पर जान से मारने, धमकी देने, चोट पहुंचाने और धमकाने के आरोप हैं।

दिल्ली रिफर किए जाने के बाद पीड़िता लगातार अपने भाई से कह रही थी कि उसके मुजरिमों को छोड़ना नहीं। वह उन्हें फांसी पर लटकते देखना चाहती है। उसने यह भी कहा था कि वह जीना चाहती है। पीड़िता के आरोपियों को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया है।

पीड़िता के चाचा ने कहा था कि उन्हें फोन करके जान से मारने की धमकी दी गई थी। आईजी लॉ ऐंड ऑर्डर प्रवीण कुमार ने बताया कि एहतियात के तौर पर पीड़िता के घर पर एक सब इन्स्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल को तैनात किया गया है।

10 बजे होगा पोस्टमॉर्टम-

शनिवार सुबह 10 बजे के करीब पीड़िता के शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, तीन सीनियर डॉक्टर की निगरानी में पीड़िता का पोस्टमॉर्टम होगा। इसके बाद 12 बजे पीड़िता का शव उन्नाव में भेजा जाएगा।

मौत के बाद सियासती ड्रामा –

आग के हवाले की गई उन्नाव बलात्कार पीड़िता ने शुक्रवार देर रात यहां सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दो मंत्रियों को पीड़िता के गांव तत्काल जाने का निर्देश दिया है। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में प्राविधिक शिक्षा मंत्री और जनपद उन्नाव की प्रभारी मंत्री कमल रानी वरुण और श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पीड़िता के परिवार के गांव तत्काल जाएंगे।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गये हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पीड़िता के परिवार मिलने के लिए उन्नाव पहुंचीं हैं।इससे पहले पीड़िता की मौत पर गहरा दुख जताते हुए प्रियंका ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की। गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि वह उन्नाव पीड़िता के परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत दे।’’उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए कहा कि मुक़दमे को त्वरित अदालत में चलाकर अपराधियों को कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी। सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा ‘‘ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव पीड़िता के सन्दर्भ में कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है,उसकी मौत अत्यंत दुखद है। उन्नाव बलात्कार पीड़िता का शव को सड़क के रास्ते उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले ले जाया जा रहा है। परिवार ने शनिवार को बताया कि उसके शव को ले जाने वाली एम्बुलेंस थोड़ी देर पहले सफदरजंग से रवाना हुई है। गाजियाबाद के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार सिंह ने पहले बताया था कि प्रशासन पीड़िता के शव को विमान से या सड़क मार्ग से उसके गांव ले जाने के लिए तैयार है।

Sach ki Dastak

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