40 साहित्यकार बने आकर्षण के केंद्र

सच की न्यूज डेस्क जयपुर राजस्थान

(डॉ निशा अग्रवाल ब्यूरो जयपुर )

अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच ने रचा इतिहास
40 साहित्यकारों ने बिखेरा मुद्गल जी के साहित्यिक जीवन का आकर्षक रंग
सभी साहित्यकारों की एक से बढ़कर एक , बहुत ही उम्दा लाइव प्रस्तुतियों ने अभ्युदय मंच पर साहित्यिक महोत्सव मनाया गया। जिसमें देश विदेश से साहित्यकारों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ निशा अग्रवाल के द्वारा श्री गणेश मंत्र के साथ एवं सभी प्रतिभागियों का मंच पर स्वागत के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में
प्रियंका कटारिया, डॉ ऊषा पांडेय, वी अरुणा , ज्योति तिवारी, सीमा गुप्ता ,मंजू श्री गुप्ता एवं देवेंद्र कुमावत ने चित्रा जी के जीवन परिचय का प्रस्तुतिकरण दिया।
नंदलाल त्रिपाठी जी ,सबिता भुवानिया जी , सुषमा कुलश्रेष्ठ जी एवं नागेश्वरी जी ने भूख की कहानी की बहुत ही प्रभावशाली ढंग से समीक्षा की।
मंजू शर्मा जी एवं प्रेरणा ज्योति पांडेय जी ने चित्रा जी के उपन्यास पोस्ट बॉक्स न. 203 नालासोपारा की समीक्षा में श्रोताओं एवं दर्शकों के दिलों में आकर्षक रंग भर दिया।
रोचिका अरुण शर्मा जी एवं करुणा सक्सेना जी ने हथियार कहानी की सटीक समीक्षा की।
पल्लवी शर्मा जी ने जंगल की कहानी का दृश्य बखूबी से मंच पर उकेरा। ,ममता मावंडिया जी ने डोमेन काकी कहानी की लाजवाब प्रस्तुति दी। शशी लाहोटी जी ने एक जमीन अपनी उपन्यास को अपने शब्दरूपी भावों में प्रकट किया। ममता सिन्हा जी ने बयान कहानी ,दर्शन दुआ जी ने प्रमोशन कहानी, सुधा गुप्ता जी ने आवा उपन्यास का चित्रण बखूबी अंदाज में किया। शोभा पाठक जी एवं नीलम जैन जी ने आंगन की चिड़िया की बहुत ही सुंदरता से समीक्षा की। चंदा प्रहलादका जी ने लाक्षाग्रह उपन्यास की समीक्षा को बेहतरीन अंदाज में भावपूर्ण लेखन के साथ दिया गया और डॉ इंदु जी की अदभुत एवं प्रभावशाली प्रस्तुति ने चार चांद लगा दिए। संध्या जावेलि जी एवं रीता चंद्र पात्रा जी ने भी आत्मीय अंदाज में लाक्षाग्रह की समीक्षा की। सुशील भल्ला जी ने बेईमान कहानी की ,ब्रजेंद्र मिश्रा जी एवं मधुबाला जग्गी जी ने जिनावर कहानी की समीक्षा की प्रस्तुतियों ने साहित्य धारा के प्रवाह को निरंतर बहने की प्रेरणा दी। नीतू दाधीच जी ने लपटें कहानी को शानदार तरीके से प्रस्तुत किया। प्रेतयोनी कहानी की समीक्षा राकेश कपूर जी के द्वारा अभ्युदय मंच पर बहुत ही अदभुत अंदाज में परोसी गई साथ ही डॉ भूमिका श्रीवास्तव जी ने भी प्रेतयोनी कहानी की समीक्षा सुंदर ढंग से की। डॉ संगीता श्रीवास्तव जी ने केंचुल कहानी की बेहतरीन समीक्षा की। अंत में डॉ निशा अग्रवाल ने चित्रा मुद्गल जी के साहित्यिक जीवन से जुड़ी सभी रचनाओं की शिक्षा के क्षेत्र में भूमिका को कविता के रूप प्रस्तुत किया, जो अपने आप में बहुत ही अनूठा एवं अविस्मरणीय रहा।कार्यक्रम के अंत में शोभा पाठक जी ने अभ्युदय संस्था के प्रति कृतज्ञता दिखाते हुए ,संस्था के सभी सम्मानित पदाधिकारियों ,साहित्यकारों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस कार्यक्रम के संयोजन एवं संचालन में मुख्य भूमिका ब्रजेंद्र मिश्रा जी , डॉ निशा अग्रवाल ,शोभा पाठक ,सीमा गुप्ता एवं प्रेरणा ज्योति पांडेय की रही। संस्था अध्यक्ष डॉ इंदु झुनझुनवाला जी ,महा सचिव चंदा प्रहलादका जी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम सफल रहा।

 

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