नीमा के बृहद सेमिनार में माइग्रेन व फैटी लीवर पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

सच की दस्तक डिजिटल न्यूज डेस्क चंदौली
नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के बैनर तले शहर के एक होटल में जॉर्जियन हॉस्पिटल के सहयोग से बृहद चिकित्सा सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक रमेश जायसवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। सेमिनार में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वाई.के. राय एवं डॉ. वाई.एन. पाण्डेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि चिकित्सक का पेशा अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। डॉक्टरों को मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके परिजनों की अपेक्षाओं, लंबे एवं तनावपूर्ण कार्यकाल, आधुनिक तकनीकों के साथ सामंजस्य, वित्तीय दबाव तथा व्यावसायिक जोखिम जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने चिकित्सकों की सेवाओं की सराहना करते हुए समाज में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
सेमिनार में न्यूरोलॉजिकल समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए डॉ. नंद जी सिंह ने कहा कि माइग्रेन सामान्य सिरदर्द नहीं है। इसे नजरअंदाज करने पर यह तंत्रिका तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य तथा हृदय प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने समय पर जांच एवं उपचार कराने की सलाह दी।

पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल शरण सिंह ने फैटी लीवर पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह बीमारी लीवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त वसा जमा होने से होती है। उन्होंने कहा कि असंतुलित खान-पान, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी तथा शराब का सेवन इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने बताया कि 5 से 10 प्रतिशत वजन कम करना, तले-भुने एवं अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों से परहेज तथा प्रतिदिन 30 से 45 मिनट नियमित व्यायाम फैटी लीवर को नियंत्रित करने और ठीक करने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
इनकी थी उपस्थिति
सेमिनार में डॉ. वाई.बी. सिंह, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. शिवाजी सिंह, डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. मनोज सिंह, डॉ. जे. खान, डॉ. उपेंद्र, डॉ. मथुरा सिंह, डॉ. सलाम, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. स्नेहलता गुप्ता, डॉ. अमित सिंह, डॉ. आर.डी. तिवारी, डॉ. वाई.पी. यादव, डॉ. हुजैफा, डॉ. मुमताज, डॉ. पल्लव, डॉ. ओम यति, डॉ. रजत, डॉ. बी. लाल सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन नीमा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ओ.पी. सिंह ने किया।


