आईएनएक्स केस / सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई न करें, यह बुरी मिसाल बनेगी

  • सीबीआई ने कहा- चिदंबरम की 15 दिन की रिमांड दो दिन बाद खत्म होगी, उन्होंने पहले ही जमानत अर्जी लगा दी
  • शीर्ष अदालत ने कहा- ट्रायल कोर्ट के कार्यक्षेत्र में दखल नहीं देना चाहते, सीबीआई रिमांड 2 दिन के लिए बढ़ाई
  • सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम के वकील से कहा- ट्रायल कोर्ट 5 सितंबर को सुनवाई करेगा, तब तक जमानत अर्जी न लगाएं

आईएनएक्स मीडिया केस में कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम 5 सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में रहेंगे। उनकी याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें उन्होंने विशेष अदालत (ट्रायल कोर्ट) से गैर-जमानती वारंट जारी होने और सीबीआई रिमांड को चुनौती दी है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई न करें, यह बुरी मिसाल बन जाएगी। इस पर शीर्ष अदालत ने उनकी सीबीआई हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई। साथ ही चिदंबरम के वकील से कहा कि ट्रायल कोर्ट में 5 सितंबर को जमानत पर सुनवाई होगी। तब तक जमानत अर्जी न लगाएं।

जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच केसामने सीबीआई की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आपने कल आरोपी को जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने के लिए कहा था। उनके वकील सोमवार को ही सुनवाई चाह रहे थे। इस पर ट्रायल कोर्ट ने नोटिस जारी कर सीबीआई से 24 घंटे में जवाब मांगा। चिदंबरम की ओर से गिरफ्तारी के 13 दिन के अंदर ही अंतरिम राहत के लिए जमानत अर्जी लगा दी गई। यह कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ है। रिमांड के 15 दिन दो दिन में (गुरुवार) पूरे होंगे।

इस पर बेंच ने दो दिन के लिए रिमांड बढ़ाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा- हम ट्रायल कोर्ट के कार्यक्षेत्र में दखल नहीं देना चाहते हैं। वहां 5 सितंबर को जमानत पर सुनवाई होनी चाहिए। इसी दिन शीर्ष अदालत भी याचिका पर सुनवाई करेगी। तब तक यथास्थिति बनी रहे। इसके बाद मेहता ने कहा- अगर हमें आगे कस्टडी न भी मिले तब भी कानून को अपना काम करना चाहिए। इस पर चिदंबरम के वकीलों ने कहा कि अगर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया तो शीर्ष अदालत में दायर अर्जी बेकार हो जाएगी। कपिल सिब्बल ने कहा कि हम रिमांड खत्म होने तक विशेष अदालत में जमानत के लिए नहीं जाएंगे।

सीबीआई ने चिदंबरम को विशेष अदालत में पेश किया-
उधर, सीबीआई ने रिमांड खत्म होने पर चिदंबरम को विशेष अदालत में पेश किया। सॉलिसीटर जनरल मेहता ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर तक रिमांड बढ़ाने का आदेश दिया है। जज अजय कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी देखने के बाद रिमांड दो दिन के लिए बढ़ाई। इस दौरान चिदंबरम की पत्नी नलिनी और बेटे कार्ति भी कोर्ट में मौजूद थे।

नजरबंद कर सकते हैं, किसी को नुकसान नहीं होगा: सिब्बल-

कपिल सिब्बल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की बेंच से कहा था कि उनकी (चिदंबरम) उम्र 74 साल है, उन्हें नजरबंद किया जाए। इससे किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। इस पर कोर्ट ने कहा था कि उन्हें तिहाड़ जेल नहीं भेजा जाएगा। आप जमानत के लिए संबंधित अदालत में अर्जी दाखिल करें। इसके बाद विशेष अदालत ने कस्टडी मंगलवार तक के लिए बढ़ाई थी। सीबीआई ने अदालत से रिमांड बढ़ाए जाने की मांग की थी। सिब्बल ने अदालत के सामने जमानत याचिका पेश की थी। 20 अगस्त को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अगले दिन चिदंबरम की गिरफ्तारी हुई थी।

आरोप तय : वित्त मंत्री रहते हुए विदेशी निवेश की मंजूरी दी थी-

आरोप है कि चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर आईएनएक्स को 2007 में 305 करोड़ रु. लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाई थी। जिन कंपनियों को फायदा हुआ, उन्हें चिदंबरम के सांसद बेटे कार्ति चलाते हैं। सीबीआई ने 15 मई 2017 को केस दर्ज किया था। 2018 में ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। एयरसेल-मैक्सिस डील में भी चिदंबरम आरोपी हैं। इसमें सीबीआई ने 2017 में एफआईआर दर्ज की थी।

 

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